श्रीलंका में सरकार और विपक्षी दल के बीच जारी तनाव के बीच पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के नेतृत्व वाले विपक्षी दल ने राष्ट्रीय जनशक्ति (एनपीपी) सरकार पर चुनावी वादों को पूरा ना करने का आरोप लगाया है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए तो पहले मौके पर सरकार को गिरा दिया जाएगा। राजधानी कोलंबो के उपनगर नुगेगोडा में शुक्रवार को आयोजित एक रैली में महिंदा राजपक्षे के बेटे और राजनीतिक उत्तराधिकारी नमल राजपक्षे ने कहा कि हम तैयार हैं और सरकार को चेतावनी देते हैं कि हम पहले मौके पर इसे गिरा देंगे।
एनपीपी सरकार के खिलाफ भव्य रैली
बता दें कि श्रीलंकाई सरकार के खिलाफ आयोजित रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, हालांकि मुख्य विपक्षी दल एसजेबी ने इसमें भाग नहीं लिया। एसजेबी नेता सजिथ प्रेमदासा ने कहा कि उनके दल और राजपक्षे परिवार के बीच विचारधारात्मक मतभेद हैं और भ्रष्टाचार जांच के चलते संयुक्त रूप से हिस्सा नहीं लिया।
रैली आयोजक उदमा ने क्या कहा?
हालांकि दूसरी ओर रैली आयोजक उदया गम्मनपिला ने कहा कि यह प्रदर्शन दर्शाता है कि राजनीतिक दलों के मतभेदों के बावजूद लोग एकजुट हैं। पूर्व राष्ट्रपति रणिल विक्रमसिंघे के यूएनपी के प्रतिनिधि हरिन फर्नांडो ने कहा कि रैली सरकार की बाधाओं के बावजूद बड़ी सफलता रही। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने लोगों को रोकने के लिए लाउडस्पीकर बंद किए और बिजली काटी, लेकिन इसके बावजूद भारी संख्या में लोग आए।

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