झंडेवालान में शनिवार को एमसीडी की बुलडोजर कार्रवाई से इलाके में दिनभर तनाव बना रहा। 80 साल पुरानी पीर रतननाथ की मंदिर-दरगाह का हिस्सा टूटने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में अनुयायी यहां पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। पुलिस ने हालात संभालने के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया, जबकि मौके पर देर शाम तक सुरक्षा बल तैनात रहे।
सुबह करीब आठ बजे एमसीडी की टीम झंडेवालान पहुंची और पीर रतननाथ की पुरानी मंदिर-दरगाह के हिस्से को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। यह जगह नाथ परंपरा से जुड़ी मानी जाती है, जहां भैरवनाथ, शिव और अन्य देवताओं के साथ पीर रतननाथ की दरगाह भी है। इस मिलेजुले स्वरूप के कारण हिंदू, मुस्लिम और अन्य समुदायों के लोग यहां आस्था व्यक्त करते हैं। अनुयायियों के मुताबिक, करीब 1500 साल पहले गुरु गोरखनाथ के शिष्य रतननाथ हुए और करीब 80 साल पहले बाबा मनमोहन दास ने इस स्थान की स्थापना की थी। यहां बाबा मनमोहन दास और बाबा परिपूर्ण दास की समाधियां भी हैं।
किसी को स्थल पर जाने की अनुमति नहीं
कार्रवाई शुरू होते ही सूचना तेजी से फैली और दिल्ली-एनसीआर के अनुयायी बड़ी संख्या में यहां पहुंचे। उन्होंने भाजपा सरकार और नगर निगम पर आस्था को चोट पहुंचाने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई से बड़ा विरोध पैदा होगा। दिनभर चली तोड़फोड़ के बाद देर शाम प्रशासन ने कार्रवाई वाली जगह को ग्रीन आयरन शीट से ढक दिया। भारी पुलिस फोर्स और आरएएफ तैनात कर इलाके को पूरी तरह घेर लिया गया। बैरिकेडिंग लगाकर किसी को भी स्थल के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई।

No Comments: