header advertisement

‘जिस दिन मैं बरसा…’: खराब फॉर्म से जूझ रहे सूर्यकुमार ने क्यों और किसे कहा ऐसा? आत्मविश्वास के साथ दिया संदेश

सूर्यकुमार यादव ने अहमदाबाद की यूनिवर्सिटी में खराब फॉर्म पर खुलकर बात करते हुए इसे अपने करियर का लर्निंग फेज बताया। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी के जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं और वह मेहनत के दम पर वापसी करने के लिए पूरी तरह सकारात्मक हैं।

भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव एक बार फिर अपने खराब फॉर्म को लेकर चर्चा में हैं। इस बार वजह बना अहमदाबाद स्थित एक यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ उनकी बातचीत, जहां उन्होंने बेहद बेबाक अंदाज में अपने संघर्ष और मानसिकता पर बात की। सूर्यकुमार ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी का करियर हमेशा अच्छे दौर में नहीं रहता और खराब समय को सीखने की प्रक्रिया के तौर पर देखना चाहिए।

उन्होंने अपने भाषण में कहा, ‘एक खिलाड़ी हमेशा अच्छे समय का आनंद नहीं लेता। मैं यह नहीं कह रहा कि हम बुरे दौर से गुजरते हैं, बल्कि यह सीखने की प्रक्रिया होती है। मेरे लिए यह वही लर्निंग फेज है, जिसमें उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।’
‘जिस दिन मैं बरसा…’ बयान ने खींचा ध्यान
35 वर्षीय सूर्यकुमार ने अपने बयान में आत्मविश्वास भी दिखाया, जिसने सोशल मीडिया पर खासा ध्यान खींचा। उन्होंने कहा, ‘फिलहाल मेरे 14 जवान मेरे लिए कवर कर रहे हैं। वे जानते हैं कि जिस दिन मैं फटूंगा, क्या होगा। मुझे यकीन है आप लोग भी जानते हैं।’ इस बयान को कुछ लोगों ने जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास बताया, जबकि समर्थकों का मानना है कि यह कप्तान का खुद पर भरोसा दर्शाता है।
पढ़ाई से तुलना कर समझाया संघर्ष
सूर्यकुमार ने अपनी मौजूदा स्थिति की तुलना छात्र जीवन से करते हुए कहा कि जैसे कम नंबर आने पर कोई पढ़ाई छोड़ नहीं देता, वैसे ही खिलाड़ी भी मेहनत करना नहीं छोड़ता।
उन्होंने कहा, ‘अगर आपकी परीक्षा में कम नंबर आते हैं तो क्या आप स्कूल छोड़ देते हैं? नहीं, आप फिर मेहनत करते हैं। मैं भी वही करने की कोशिश कर रहा हूं और बेहतर प्रदर्शन के साथ वापसी करना चाहता हूं।’

आंकड़े जो सवाल खड़े करते हैं
साल 2025 सूर्यकुमार यादव के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहद कठिन रहा। उन्होंने 19 पारियों में सिर्फ 218 रन बनाए, औसत 13.62 और स्ट्राइक रेट 123.16 का रहा। एशिया कप में उनका सर्वोच्च स्कोर 47 रहा, जबकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में चार पारियों में केवल 34 रन ही बना सके। इसके बावजूद भारत ने वह सीरीज 3-1 से जीती।

चयन, समर्थन और आगे की राह
टी20 वर्ल्ड कप टीम की घोषणा से पहले सूर्यकुमार ने खुद माना था कि उनका खराब दौर कुछ ज्यादा लंबा खिंच गया है। फिर भी उन्हें टीम में बरकरार रखा गया, जबकि उपकप्तान शुभमन गिल को बाहर कर दिया गया। चयनकर्ताओं का भरोसा उनके पिछले रिकॉर्ड और मैच जिताने की क्षमता पर है। टीम के अंदर से भी उन्हें समर्थन मिल रहा है। तिलक वर्मा का मानना है कि सूर्यकुमार सिर्फ एक अच्छी पारी दूर हैं। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में सूर्यकुमार के पास खुद को साबित करने का अगला बड़ा मौका होगा।

No Comments:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

sidebar advertisement

National News

Politics