सिटी एसपी जोन (सीएसपीजेड) के उपायुक्त विवेक अग्रवाल ने बताया कि ये संरचनाएं नौ इंच से अधिक मोटी दीवारों वाली थीं, जिससे इन्हें गिराना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। हालांकि, निगम के पास सभी आवश्यक भारी मशीनरी, जैसे न्यूमेटिक हैमर, गैस कटिंग मशीनें और ट्रक उपलब्ध थे।
एमसीडी मेयर राजा इकबाल सिंह ने बताया कि यह अभियान मध्यरात्रि के आसपास शुरू हुआ और इसे पूरा होने में करीब दो से तीन घंटे लगे। इस दौरान निगम की ओर से 50-60 कर्मचारी तैनात थे। गिराए गए क्षेत्र का रकबा लगभग 36,000 वर्ग फुट था, जिसमें बैंक्वेट हॉल, एक डायग्नोस्टिक सेंटर और एक सामुदायिक हॉल (बारात घर) शामिल था। इसके चारों ओर दो मंजिला दीवारें भी थीं।
मलबा हटाने का काम जारी
अभियान के बाद करीब 250 से 300 ट्रक मलबा जमा होने का अनुमान है, जिसे हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। अग्रवाल ने आश्वासन दिया कि बचे हुए मलबे और किसी भी शेष ढांचे को जल्द से जल्द साफ कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मस्जिद को इस कार्रवाई से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और उसका जितना क्षेत्र कागजों में दर्ज है, वह पूरी तरह सुरक्षित है। यह अभियान अदालत के निर्देशों के अनुसार केवल अतिक्रमण वाले हिस्से पर ही चलाया गया। यह कार्रवाई इस क्षेत्र में अवैध कब्जों को हटाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में सैयद फैज इलाही मस्जिद और पास के कब्रिस्तान से सटी जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने हिंसक रूप ले लिया। दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारी जब तोड़फोड़ करने पहुंचे, तो स्थानीय लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर पत्थरबाजी की, जिसमें कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।
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