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EV: जर्मनी का तीन अरब यूरो का ईवी प्लान, इलेक्ट्रिक कार खरीदारों को मिलेंगे 6,000 यूरो तक

जर्मनी ने मांग को फिर से बढ़ाने, कम इनकम वाले खरीदारों को टारगेट करने और चीन से बढ़ते कॉम्पिटिशन के बीच कार बनाने वाली कंपनियों को सपोर्ट करने के लिए 3 अरब यूरो का ईवी सब्सिडी प्रोग्राम प्लान किया है।

जर्मनी ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री को फिर से रफ्तार देने के लिए 3 अरब यूरो (करीब 27,000 करोड़ रुपये) का नया सब्सिडी कार्यक्रम पेश किया है। इसका मकसद न केवल ईवी की मांग को बढ़ाना है, बल्कि दबाव झेल रहे देश के ऑटोमोबाइल उद्योग को भी राहत देना है।

करीब 8 लाख इलेक्ट्रिक कारों को मिलेगा समर्थन
इस योजना के तहत लगभग 8 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि हाल के वर्षों में नीतियों में अचानक हुए बदलावों के कारण बाजार में अस्थिरता आई थी, जिसे अब स्थिर करने की कोशिश की जा रही है।
खरीदारों को मिलेंगे €6,000 तक के अनुदान
पहले की योजनाओं से अलग, यह नया प्रोग्राम खास तौर पर कम और मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर केंद्रित है। पात्र खरीदारों को 1,500 यूरो से लेकर 6,000 यूरो तक की सब्सिडी मिलेगी। अनुदान की राशि वाहन के मॉडल, परिवार के आकार और आय स्तर के आधार पर तय होगी।
2029 तक चलेगी योजना, 2026 से आवेदन मान्य
सरकारी सहायता 2029 तक जारी रहेगी। हालांकि अंतिम ढांचे पर अभी कुछ संशोधन किए जा रहे हैं, लेकिन अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि 1 जनवरी 2026 से की गई खरीद पर भी आवेदन को मान्यता मिलेगी। सब्सिडी के लिए ऑनलाइन पोर्टल मई में शुरू होने की उम्मीद है।
सरकार को क्यों करनी पड़ी दखलअंदाजी
जर्मनी का ईवी बाजार हाल के वर्षों में उतार-चढ़ाव से गुजरा है। 2024 में अचानक सब्सिडी हटने से ईवी रजिस्ट्रेशन में 27 प्रतिशत की गिरावट आई थी। इससे यह साफ हो गया कि ईवी की मांग सरकार की प्रोत्साहन नीतियों पर काफी हद तक निर्भर है।
सस्ते इलेक्ट्रिक मॉडल बाजार में एंट्री को तैयार
नए प्रोत्साहन ऐसे समय पर आए हैं जब कार निर्माता कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक मॉडल पेश कर रहे हैं। करीब 25,000 यूरो की रेंज में नए ईवी मॉडल बाजार में आ रहे हैं। ताकि बजट को लेकर सजग खरीदारों को आकर्षित किया जा सके।
दूसरे यूरोपीय देशों का सख्त रुख
यूरोप के कई देशों ने चीन में बने इलेक्ट्रिक वाहनों पर सख्ती दिखाई है। ब्रिटेन और फ्रांस ने ऐसी सब्सिडी शर्तें लागू की हैं, जिनसे चीनी ईवी लगभग बाहर हो गए हैं। फिलहाल जर्मनी ने यह साफ नहीं किया है कि उसकी नई योजना में भी ऐसे प्रतिबंध होंगे या नहीं।
योजना के पीछे की राजनीति
यह सब्सिडी योजना जर्मनी की गठबंधन सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य ऑटो उद्योग को स्वच्छ मोबिलिटी की ओर बदलाव में समर्थन देना है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक कारों पर वाहन कर में छूट को 2035 के अंत तक बढ़ा दिया गया है। सरकार का अनुमान है कि इससे 2029 तक कर राजस्व में करीब 600 मिलियन यूरो की कमी आएगी।

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