दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला: हाइपरटेंशन को सिर्फ जीवनशैली रोग नहीं माना जा सकता, सेवानिवृत्त IAF अधिकारी को राहत
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम मामले कहा कि प्राथमिक उच्च रक्तचाप को केवल जीवनशैली से जुड़ी बीमारी बताकर दिव्यांग पेंशन से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हर व्यक्ति की जीवनशैली अलग होती है। बिना पूरी चिकित्सकीय जांच और ठोस कारण बताए पेंशन रोकना गलत है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिव्यांग पेंशन से जुड़े एक अहम मामले में केंद्र सरकार को झटका दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्राथमिक उच्च रक्तचाप को सिर्फ जीवनशैली से जुड़ी बीमारी बताकर किसी सेवानिवृत्त वायुसेना अधिकारी को दिव्यांग पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि जीवनशैली हर व्यक्ति की अलग होती है। बिना पूरी जांच और ठोस कारण बताए केवल बीमारी को जीवनशैली विकार बताकर दिव्यांग पेंशन से इनकार करना गलत है। कोर्ट ने आईएएफ अधिकारी को पेंशन देने के फैसले को सही ठहराया।
न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति मनमीत पी.एस. अरोड़ा की पीठ ने केंद्र सरकार की उस याचिका को खारिज करते हुए यह आदेश पारित किया, जिसमें सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के एक आदेश को चुनौती दी गई थी। न्यायाधिकरण ने फैसला सुनाया था कि आईएएफ अधिकारी प्राथमिक उच्च रक्तचाप के लिए दिव्यांग पेंशन के लाभ का हकदार है।
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