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Delhi HC: चीनी वीजा घोटाला मामला, कार्ति चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई से तीसरे जज ने भी खुद को किया अलग

23 दिसंबर 2025 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम और छह अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 और 9 के तहत आरोप तय किए थे।

दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की उस याचिका से सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें उन्होंने सीबीआई द्वारा जांचे जा रहे कथित चीनी वीजा घोटाले में भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय करने के खिलाफ चुनौती दी है।

न्यायमूर्ति कठपालिया ने कहा कि व्यक्तिगत कारणों से वह मामले की सुनवाई नहीं कर सकते। उन्होंने मामले को मुख्य न्यायाधीश (आपराधिक पक्ष) के आदेश के अधीन किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। अब यह मामला 28 जनवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होगा। यह तीसरा मामला है जब दिल्ली हाई कोर्ट के किसी जज ने इस याचिका से खुद को अलग किया है। इससे पहले 15 जनवरी को न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा और 19 जनवरी को न्यायमूर्ति अनूप जे. भंभानी ने भी इसी तरह का आदेश पारित किया था।

कार्ति चिदंबरम, जो शिवगंगा से लोकसभा सांसद हैं, ने अपनी याचिका में कहा है कि निचली अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों पर न्यायिक मन नहीं लगाया और आपराधिकता की अनुपस्थिति दिखाने वाले प्रमाणों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। याचिका में दावा किया गया है कि न तो कोई रिश्वत थी और न ही कोई साजिश, जैसा कि जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है।

23 दिसंबर 2025 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम और छह अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 और 9 के तहत आरोप तय किए थे। कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया पर्याप्त सामग्री मौजूद है।

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