भारत और यूरोपीय संघ (EU) के रिश्तों में एक नया और बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन अपनी चार दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच गई हैं। उनके साथ-साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी रविवार को दिल्ली पहुंच रहे हैं।
इसके अलावा दो और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समझौतों की उम्मीद है:
1. रक्षा साझेदारी: दोनों पक्ष एक रणनीतिक रक्षा समझौते को अंतिम रूप देंगे।
2. नौकरी और मोबिलिटी: भारतीय पेशेवरों के लिए यूरोप में काम करना और आना-जाना आसान बनाने के लिए एक ‘मोबिलिटी फ्रेमवर्क’ तैयार किया जाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह डील?
यूरोपीय संघ एक ब्लॉक के रूप में भारत का सबसे बड़ा ‘गुड्स ट्रेडिंग पार्टनर’ (सामान का व्यापार करने वाला साझेदार) है।
वैश्विक संकेत यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की आर्थिक और सुरक्षा नीतियों के कारण वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ी हुई हैं। ऐसे में दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र-भारत और यूरोपीय संघ-आपसी विश्वास और साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने हवाई अड्डे पर उर्सुला वॉन डेर लेन का स्वागत किया, जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने इसे रणनीतिक साझेदारी का ‘अगला चरण’ बताया।

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