बाजार के लिए 2026 भी तूफानी समुंदर जैसा है। क्या होगा आगे, इसका अनुमान लगाना सभी के लिए मुश्किल होगा। भू-राजनीतिक तनाव, ट्रंप टैरिफ, वैश्विक अनिश्चितता, ब्याज दरें और व्यापार युद्ध का शोर हर तरफ रहेगा। ऐसे माहौल में, म्यूचुअल फंड्स में SIP के जरिये निवेश, अकेला वह तरीका है, जो शोर से दूर, अनुशासन के साथ निवेश को आगे बढ़ाता रहेगा। निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता, निवेश का समय और वित्तीय लक्ष्य के अनुसार रणनीति बनानी चाहिए।
जोखिम के आधार पर 2026 के लिए ऐसे बनाएं अपना पोर्टफोलियो
निवेशक पोर्टफोलियो
आक्रामक स्मॉल-कैप फंड्स (25%)
मिड-कैप फंड्स (50%)
लार्ज-कैप फंड्स (25%)संतुलित लार्ज-कैप/इंडेक्स फंड (40%)
फ्लेक्सी-कैप फंड्स (30%)
मिड-कैप फंड्स (20%)
हाइब्रिड/मल्टी एसेट (10%)रूढ़िवादी लार्ज-कैप/ब्लूचिप (50%),
हाइब्रिड/बैलेंस्ड (30%), इंडेक्स
फंड (10%), गोल्ड ईटीएफ (10%)
अलग जोखिम प्रोफाइल वाले निवेशकों को 2026 में क्या रणनीति बनानी चाहिए:
रूढ़िवादी निवेशक: आपको चैन की नींद चाहिए। आप चाहते हैं कि आपका पैसा महंगाई को मात दे, लेकिन मूलधन पर आंच न आए।
रणनीति: ऐसे निवेशकों को लार्ज-कैप इंडेक्स फंड्स और कुछ हद तक फ्लेक्सी-कैप फंड्स में निवेश करना चाहिए। इसके साथ ही, गोल्ड-सिल्वर और डेट फंड्स में भी एक्सपोजर रखना चाहिए। डेट, लिक्विड फंड्स और आर्बिट्राज फंड्स का चुनाव भी किया जा सकता है, क्योंकि ये सभी पूंजी की सुरक्षा पर फोकस करते हैं।
संतुलित निवेशक: आप थोड़ा जोखिम ले सकते हैं, बशर्ते लंबी अवधि में रिटर्न कड़क मिले। आप बाजार के झटकों को झेलने का हौसला रखते हैं।
रणनीति: लार्ज-कैप और फ्लेक्सी-कैप फंड्स के साथ-साथ कुछ मिड-कैप फंड्स में भी निवेश किया जा सकता है। बाजार सुधार के समय, डेट से इक्विटी में धीरे-धीरे शिफ्ट करना चाहिए और समय-समय पर पोर्टफोलियो को री-बैलेंस करना चाहिए।
आक्रामक निवेशक: आप रफ्तार के शौकीन हैं। आप जानते हैं कि बड़ा पैसा मंझली और छोटी कंपनियों से बनता है। उतार-चढ़ाव आपके लिए डर नहीं, अवसर है।
रणनीति: मिड-कैप पर ज्यादा फोकस कीजिए और बाकी लार्ज व स्मॉल कैप में निवेश करें। बाजार सुधार के समय लंपसम निवेश को बढ़ावा दिया जा सकता है।
लोग अक्सर पूछते हैं, क्या बाजार गिरने पर SIP रोक देनी चाहिए? यह वैसा ही है, जैसे कोई दुकानदार सेल लगने पर दुकान बंद कर दे! SIP की असली ताकत रुपी कॉस्ट एवरेजिंग है। 2026 की अस्थिरता आपकी SIP का ईंधन है। जब बाजार गिरेगा, तो आपकी 10,000 रुपये की SIP ज्यादा म्यूचुअल फंड यूनिट्स खरीदेगी। जब बाजार सुधरेगा, तो यही सस्ती खरीदी हुई यूनिट्स आपकी वेल्थ में कंपाउंडिंग का तड़का लगाएंगी।
उतार-चढ़ाव रहेगा जारी
नए साल में अपनाएं यह मास्टर रणनीति
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