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Republic Day: एनईपी 2020 और पीएम श्री स्कूलों से विकसित भारत 2047 की तस्वीर, देखें स्कूल शिक्षा विभाग की झांकी

Republic Day Tableau: गणतंत्र दिवस की झांकी में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने एनईपी 2020 के तहत भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा से लेकर भविष्य की शिक्षा तक की यात्रा दिखाई। पीएम श्री स्कूलों को ‘विकसित भारत 2047’ का आधार बताया गया।

Republic Day 2026 Tableau: स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग की गणतंत्र दिवस परेड में प्रस्तुत झांकी में भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत हो रहे आधुनिक बदलावों को दर्शाया गया। इस झांकी में स्कूल शिक्षा को ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में एक अहम आधार के रूप में प्रस्तुत किया गया।

प्राचीन ज्ञान से आधुनिक शिक्षा तक का सफर

झांकी की कहानी प्राचीन भारत की ज्ञान परंपरा से शुरू होकर भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली तक जाती है। इस पूरे विचार को पीएम श्री स्कूल के प्रवेश द्वार के रूप में जोड़ा गया, जो झांकी का केंद्रीय प्रतीक था।

झांकी के सामने वाले हिस्से में आर्यभट्ट की प्रतिमा दिखाई गई, जिनके सामने मुस्कुराते बच्चे ‘शून्य’ और पृथ्वी का गोला पकड़े हुए थे। यह भारत के वैश्विक ज्ञान में योगदान और उस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रतीक था।

बच्चों के पीछे बने पंख एनईपी 2020 को दर्शाते थे, जो आत्मनिर्भरता के आधार पर आत्मविश्वास, अवसर और वैश्विक तैयारी को बढ़ावा देता है।

वीआर हेडसेट पहने बच्चे “प्राचीन जड़ें, डिजिटल पंख” की अवधारणा को दिखा रहे थे। वहीं ‘जादुई पिटारा’ के माध्यम से मातृभाषा में खेल-आधारित और आनंददायक बुनियादी शिक्षा को दर्शाया गया, जिसमें भारतीय खिलौनों और बहुभाषी सामग्री का उपयोग दिखाया गया।

झांकी में पीएम श्री स्कूल के गेट पर बच्चे पौधरोपण करते हुए नजर आए, जो समावेशी शिक्षा, पर्यावरण के प्रति जागरूकता और मिशन LiFE की भावना को दर्शाता है।

कौशल शिक्षा का महत्व

एक छात्र को औजारों के साथ दिखाकर प्रारंभिक स्तर से ही कौशल शिक्षा के महत्व को दर्शाया गया। झांकी के मध्य भाग में मार्शल आर्ट, प्रदर्शन कला और खेलों को शिक्षा के साथ जोड़ा गया, जिससे समग्र विकास का संदेश मिला। एक रोबोटिक हाथ ने परंपरा और तकनीक के मेल को दिखाया, ‘तख्ती’ से टैबलेट तक की यात्रा जो मूल्यों द्वारा निर्देशित है।

झांकी का समापन विकसित भारत 2047 टावर पर हुआ, जहां स्मार्ट क्लासरूम, टिंकरिंग लैब और इनोवेशन हब दिखाए गए। किताबें, गियर और सर्किट जैसे प्रतीकों के माध्यम से पीएम श्री स्कूलों को एनईपी 2020 का सजीव रूप बताया गया, जो हर बच्चे के सामने क्षेत्र, लिंग और क्षमता से परे कुशल नागरिक बनाने का लक्ष्य रखता है। झांकी में एनईपी 2020 को भारत की स्कूल शिक्षा सुधारों को गति देने वाले रॉकेट के रूप में प्रस्तुत किया गया।

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