रूस और यूक्रेन के बीच जंग चार साल के अधिक वक्त से जारी है। दोनों ही देश एक दूसरे पर हमलावर हैं। इस बीच एक ताजा रिपोर्ट ने इस युद्ध की भयावहता को दुनिया के सामने रखा है। अमेरिकी थिंक टैंक ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि फरवरी 2022 से जारी इस जंग में अब तक रूस और यूक्रेन दोनों देशों के मिलाकर करीब 20 लाख सैनिक हताहत हो चुके हैं।
CSIS की रिपोर्ट में युद्ध की असली तस्वीर
अमेरिकी थिंक टैंक की ओर से प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार रूस के यूक्रेन पर लगातार हमले के कारण दोनों देशों के बीच लगभग दो मिलियन यानी 20 लाख सैनिक हताहत (मारे गए, घायल हुए या लापता) हुए हैं। सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) ने पाया कि मॉस्को की सेना को सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
रूस को उठाना पड़ा भारी नुकसान
सीएसआईएस की ओर से मंगलवार (27 जनवरी) को जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि इस जंग में रूस को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। यूक्रेन पर लगभग चार साल पहले हमला करने के बाद से अनुमानित 1.2 मिलियन (12 लाख) हताहतों में से 3,25,000 मारे गए हैं। CSIS ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद से किसी भी युद्ध में किसी भी बड़ी शक्ति को इतने ज्यादा हताहतों या मौतों का सामना नहीं करना पड़ा है। स्टडी में कहा गया कि इतनी भारी कीमत चुकाने के बावजूद रूस की सैन्य बढ़त बेहद धीमी रही है।
यूक्रेन के 5 से 6 लाख सैनिक हताहत
थिंक टैंक ने कहा कि फरवरी 2022 से दिसंबर 2025 के बीच यूक्रेनी सेना को भी भारी नुकसान हुआ है। 5 से 6 लाख लोग हताहत हुए, जिनमें से एक लाख से 1.4 लाख सैनिकों की मौत हो चुकी है। सीएसआईएस ने बताया कि रूसी और यूक्रेनी दोनों तरफ के हताहतों की कुल संख्या 1.8 मिलियन तक हो सकती है और 2026 के वसंत तक कुल हताहतों की संख्या दो मिलियन तक पहुंच सकती है।
मालूम हो कि फरवरी 2025 में यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने एक अमेरिकी टेलीविजन चैनल को बताया कि उनके देश ने 2022 से लगभग 46,000 सैनिक खो दिए हैं। हालांकि यह एक ऐसा आंकड़ा है, जिसे विश्लेषक कम मानते हैं, जबकि हजारों सैनिक लापता हैं या उन्हें बंदी बना लिया गया है।
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