J&K: जम्मू-कश्मीर में विकास को लगेंगे पंख, पहली बार पूंजीगत परियोजनाओं के लिए मिलेगा 50 साल तक ब्याज-मुक्त ऋण
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर से जुड़ी एक बैठक के दौरान, सड़क बुनियादी ढांचे, जल विद्युत परियोजनाओं, बिजली, उद्योग, पर्यटन, 4जी और ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विकास की व्यापक समीक्षा की। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की घटनाएं लगातार कम हो रही हैं। दहशतगर्दों पर सुरक्षा बलों का शिकंजा कसता जा रहा है। इसके सार्थक परिणाम भी नजर आने लगे हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जम्मू में विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक के दौरान एक अहम घोषणा की है। इससे जम्मू-कश्मीर में विकास को पंख लग सकते हैं।
पहली बार जम्मू कश्मीर को पूंजीगत परियोजनाओं के लिए 50 साल तक ब्याज-मुक्त ऋण मिलेगा। यह महत्वपूर्ण घोषणा, वित्त वर्ष 2025-26 में ‘राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता’, योजना के तहत की गई है। केंद्रीय गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि मजबूत वित्तीय अनुशासन से समय के साथ केंद्रशासित प्रदेश के वित्तीय घाटे को स्थिर करने में मदद मिलेगी।
गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक के दौरान, सड़क बुनियादी ढांचे, जल विद्युत परियोजनाओं, बिजली, उद्योग, पर्यटन, 4जी और ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विकास की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार, एक विकसित और समृद्ध जम्मू और कश्मीर के विजन के प्रति कटिबद्ध है।
मोदी सरकार द्वारा विकास में तेजी लाने के लिए किए जा रहे निरंतर और समर्पित प्रयासों से जम्मू कश्मीर में विकास परियोजनाओं में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। जम्मू कश्मीर को जल विद्युत परियोजनाओं के पूरी क्षमता को विकसित करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याण योजनाओं का 100 प्रतिशत सैचुरेशन प्राप्त करना बहुत जरुरी है। साथ ही सभी विकास परियोजनाओं का लाभ लाभार्थियों को मिलना सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि युवाओं को विकास के साथ जोड़ने के लिए स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और स्पोर्ट्स अकामदियों की स्थापना पर ध्यान दिया जाए। इस विषय में विभिन्न स्पोर्ट्स बॉडीज से बात करके लगभग 200 करोड़ रुपए के निवेश की कोशिश की जाएगी। नेशनल डेयरी डेवेलपमेंट बोर्ड के माध्यम से जम्मू और कश्मीर में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयास होने चाहिएं। शाह ने कहा कि देश, वर्ष 2047 में आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।
भारत सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जम्मू और कश्मीर को पूरी सहायता देती रहेगी। गृह मंत्री शाह का यह दौरा, भारत सरकार के जम्मू और कश्मीर के विकास, शांति और सुरक्षा को सर्वोच्च राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। समीक्षा बैठक में जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला, केन्द्रीय गृह सचिव और जम्मू कश्मीर सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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