सवाल: क्या है ईपीएफओ का नया प्लान?
जवाब: रिटायरमेंट फंड बॉडी ईपीएफओ एक ऐसा सिस्टम तैयार कर रही है, जिससे मेंबर अपने पीएफ (ईपीएफ) का पैसा यूपीएफ पेमेंट गेटवे के जरिए निकाल सकेंगे। इसके लिए अप्रैल में एक डेडिकेटेड मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च की जाएगी। अभी तक पैसा निकालने के लिए क्लेम फाइल करना पड़ता था, जो एक लंबा और समय लेने वाला प्रोसेस है।
सवाल: यह नया एप कैसे काम करेगा?
जवाब: एप कैसे काम करेगा इसकी पूरी प्रक्रिया नीचे जानें-
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- सब्सक्राइबर्स को नए मोबाइल ऐप पर लॉग-इन करना होगा।
- वहां उन्हें यह दिखेगा कि उनके पीएफ खाते में कितना बैलेंस ट्रांसफर के लिए उपलब्ध है।
- ट्रांजैक्शन पूरा करने के लिए मेंबर को अपना लिंक्ड ‘यूपीआई पिन’ डालना होगा। इसके बाद पैसा सुरक्षित रूप से उनके बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगा।
- नोट: पीएफ का पूरा पैसा नहीं निकाला जा सकेगा। फंड का एक निश्चित हिस्सा फ्रीज रहेगा, जबकि एक बड़ा हिस्सा निकासी के लिए उपलब्ध होगा।
सवाल: क्या पुराने उमंग एप और यूएएन पोर्टल बंद हो जाएंगे?
जवाब: नहीं। मौजूदा समय में मेंबर्स यूएएन पोर्टल या उमंग एप के जरिए अपनी सेवाएं एक्सेस करते हैं। सूत्रों ने साफ किया है कि ये दोनों प्लेटफॉर्म पहले की तरह काम करते रहेंगे। नया एप केवल सेवाओं की पहुंच और डिलीवरी को बेहतर बनाने के लिए लाया जा रहा है।
सवाल: यह सुविधा कब से शुरू होगी?
जवाब: श्रम मंत्रालय इस साल अप्रैल में बड़े स्तर पर इस ऐप को लॉन्च करने की योजना बना रहा है। फिलहाल, तकनीकी खामियों को दूर करने और सर्विस को बेहतर बनाने के लिए 100 डमी अकाउंट्स पर इसका ट्रायल चल रहा है।
सवाल: सरकार ऐसा क्यों कर रही है?
जवाब: इसका मुख्य उद्देश्य पीएफ निकासी को बैंकों की तरह आसान बनाना है।
- हर साल ईपीएफओ के पास पांच करोड़ से अधिक दावे आते हैं, जिनमें अधिकतर निकासी के लिए होते हैं। इससे सिस्टम पर बहुत बोझ पड़ता है।
- चूंकि ईपीएफओ के पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं है, इसलिए वह सीधे पैसे निकालने की अनुमति नहीं दे सकता, लेकिन वह अपनी सेवाओं को बैंकों के स्तर पर ले जाना चाहता है।
सवाल: क्या इमरजेंसी निकासी के नियमों में भी कोई बदलाव है?
जवाब: हाल ही में ‘ऑटो-सेटलमेंट मोड’ के तहत निकासी की सीमा बढ़ाई गई है।
- अब बीमारी, शिक्षा, शादी या घर खरीदने के लिए बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के पांच लाख रुपये तक का क्लेम सिर्फ तीन दिनों में सेटल हो जाता है।
- पहले यह सीमा एक लाख रुपये थी। नया एप इस प्रक्रिया को और भी तेज कर देगा।
सवाल: ईपीएफओ की यह सुविधा कितनी अहम है?
जवाब: कोविड-19 के दौरान शुरू हुई ऑनलाइन ऑटो-सेटलमेंट सुविधा के बाद, UPI के जरिए निकासी EPFO का सबसे बड़ा डिजिटल सुधार होगा। इससे न केवल करोड़ों नौकरीपेशा लोगों को अपने ही पैसे निकालने में आसानी होगी, बल्कि विभाग पर काम का बोझ भी कम होगा।
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