अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों पर निवेशकों की करीबी नजर बनी हुई है। कॉमेक्स पर स्पॉट गोल्ड 5,199 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, जो 5,200 डॉलर के स्तर से हल्की गिरावट दर्शाता है, हालांकि पिछले 24 घंटों में इसमें 0.11 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। वहीं शुरुआती कारोबार में चांदी 89.46 डॉलर प्रति औंस पर रही, जिसमें 2.83 फीसदी की तेजी देखी गई।
मजबूत डॉलर भी सोने की तेजी पर कुछ हद तक दबाव बना
घरेलू बाजार की बात करें तो इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 26 फरवरी को शाम के सत्र में 999 शुद्धता वाली चांदी का मानक भाव 2,60,667 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया, जो पिछले बंद भाव की तुलना में 1.79 फीसदी कमजोर रहा। अब बाजार सहभागियों की नजर एमसीएक्स पर सोना-चांदी के रुख पर टिकी हुई है।
इस बीच दिग्गज ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने सोने को लेकर बुलिश अनुमान जताया है। ब्रोकरेज के मुताबिक अगले 12 महीनों में घरेलू बाजार में सोने की कीमतें 1.85 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीद और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग सोने को समर्थन दे सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और तेज होता है, तो मध्यम अवधि में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें 7,500 डॉलर प्रति औंस तक जाने की संभावना भी बन सकती है। ऐसे में निवेशकों के लिए कीमती धातुएं आगे भी सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में आकर्षण का केंद्र बनी रह सकती हैं।
रहा है। अमेरिकी डॉलर तीन हफ्तों के उच्च स्तर के करीब बना हुआ है, जिससे डॉलर में कीमत तय होने वाली बुलियन अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए महंगी हो जाती है और खरीदारी की मांग सीमित हो सकती है।
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