header advertisement

पाठ्यपुस्तक विवाद की जांच शुरू: किस स्तर पर और किससे हुई चूक…? NCERT खंगाल रहा पूरी प्रक्रिया

NCERT row: सुप्रीम कोर्ट की कड़ी आपत्ति के बाद एनसीईआरटी ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान पुस्तक में विवादित अध्याय को लेकर जांच शुरू की है। जांच के साथ-साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस विवादित सामग्री को शामिल करने के लिए कौन जिम्मेदार है।

NCERT row: सुप्रीम कोर्ट की कड़ी आपत्ति के बाद एनसीईआरटी ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में शामिल ‘न्यायिक भ्रष्टाचार’ अध्याय को लेकर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, परिषद यह पता लगा रही है कि किताब तैयार करने की प्रक्रिया में आखिर ऐसी क्या गलती हुई, जिसकी वजह से यह सामग्री शामिल हो गई।

जिम्मेदार लोगों की पहचान की प्रक्रिया शुरू

एनसीईआरटी न सिर्फ प्रक्रिया की समीक्षा कर रहा है, बल्कि यह भी तय किया जा रहा है कि इस विवादित सामग्री को शामिल करने के लिए कौन जिम्मेदार है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच सख्ती से की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की अनुचित सामग्री दोबारा किताबों में शामिल न हो सके।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जताई नाराजगी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस मामले पर दुख और नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कक्षा 8 की किताब में न्यायिक भ्रष्टाचार से संबंधित अध्याय शामिल होना गंभीर विषय है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जवाबदेही तय की जाएगी और जिन लोगों ने इस हिस्से का मसौदा तैयार किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाया पूर्ण प्रतिबंध

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि न्यायपालिका को बदनाम करने की ‘सुनियोजित साजिश’ नजर आ रही है। अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कक्षा 8 की इस एनसीईआरटी पुस्तक पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। कोर्ट ने आदेश दिया कि किताब की सभी प्रतियां, चाहे वे प्रिंट में हों या डिजिटल रूप में, जब्त की जाएं।

किताब में क्या लिखा था?

विवादित अध्याय में न्यायिक व्यवस्था के सामने मौजूद चुनौतियों का जिक्र किया गया था। इसमें भ्रष्टाचार, मामलों का भारी बैकलॉग और जजों की पर्याप्त संख्या न होने जैसी समस्याओं का उल्लेख था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि वह न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने की इजाजत किसी को भी नहीं देगा।

एनसीईआरटी ने मांगी माफी, किताब हटाई

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद एनसीईआरटी ने अपनी वेबसाइट से यह किताब हटा ली। परिषद ने ‘अनुचित सामग्री’ के लिए माफी भी मांगी है। साथ ही कहा है कि संबंधित पुस्तक को दोबारा लिखा जाएगा और इस प्रक्रिया में उचित प्राधिकरणों से परामर्श लिया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

अब तक प्रकरण में क्या-क्या हुआ?

  • एनसीईआरटी ने नई किताब पेश की: एनसीईआरटी ने अपनी नई कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान पुस्तक “Role of Judiciary in Our Society” में एक अध्याय शामिल किया जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार, मामलों का भारी बैकलॉग और जजों की कमी जैसी बातें बताई गई थीं।
  • सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया: सुप्रीम कोर्ट ने इस अध्याय पर सुझबूत संज्ञान (suo motu) लेकर कड़ी नाराजगी जताई।
  • किताब पर पूर्ण प्रतिबंध लगा: कोर्ट ने आदेश दिया कि कक्षा 8 की इस किताब का पूर्ण बैन (blanket ban) किया जाए और सभी प्रिंट कॉपी जब्त कर ली जाएं, सभी डिजिटल डाउनलोड और ऑनलाइन उपलब्धता हटाई जाए।
  • एनसीईआरटी गलती की माफी मांगी: एनसीईआरटी ने विवादित किताब को वेबसाइट से हटा दिया। परिषद ने माफी भी मांगी।
  • शिक्षा मंत्री का रुख: केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने भी कहा कि न्यायपालिका का सम्मान बेहद महत्वपूर्ण है और विवादित हिस्से के लिए जवाबदेही तय की जाएगी।
  • एनसीईआरटी ने प्रक्रिया की जांच शुरू की: एनसीईआरटी ने किताब तैयार करने की प्रक्रिया की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस गलती के लिए कौन जिम्मेदार है।

No Comments:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

sidebar advertisement

National News

Politics