उत्तर प्रदेश में चल रहे कथित अवैध धर्मांतरण रैकेट के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। नागपुर में तड़के संयुक्त ऑपरेशन के तहत स्वयंभू धर्मगुरु छांगुर बाबा के एक अहम सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिज्म स्क्वॉड और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने की। अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरफ्तारी पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान इधु इस्लाम के रूप में हुई है। उसे शनिवार सुबह करीब 5 बजे नागपुर के आशी नगर इलाके से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, इधु इस्लाम छांगुर बाबा के नेटवर्क में फंड और लॉजिस्टिक व्यवस्था संभालने की अहम भूमिका निभाता था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश में गंभीर मामले दर्ज हैं और लंबे समय से गिरफ्तारी वारंट लंबित था। संकरी गलियों वाले इलाके में कानून-व्यवस्था बिगड़े बिना बेहद सावधानी से यह ऑपरेशन किया गया।
छांगुर के बारे में जानें
धर्मांतरण की इस पूरी कहानी में छांगुर का नाम केंद्र में है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसने धर्मांतरण के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई। कभी बाइक से चलने वाला छांगुर बाद में लग्जरी गाड़ियों का शौकीन बन गया। आरोप है कि वह धर्म परिवर्तन कराकर इस्लामिक संगठनों में अपनी पैठ मजबूत कर रहा था। उसकी गैंग के सदस्य अब तक करीब 40 बार इस्लामिक देशों की यात्रा कर चुके हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और फंडिंग के संकेत मिलते हैं।
जांच में कौन-कौन सी एजेंसियां जुटी हैं?
छांगुर बाबा का नेटवर्क कैसे काम करता था?
जांच एजेंसियों का आरोप है कि छांगुर बाबा ने संगठित तरीके से धर्मांतरण का नेटवर्क खड़ा किया था। यह गिरोह खास तौर पर गरीब मजदूरों, विधवाओं और सामाजिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाता था। आरोप है कि लोगों को आर्थिक लालच, झूठे वादों और शादी के प्रस्तावों के जरिए गुमराह कर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता था। पुलिस का कहना है कि बाबा के नागपुर में भी पुराने संपर्क थे, जिसके बाद उसने उत्तर प्रदेश में अपना आधार मजबूत किया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इधु इस्लाम बीते दो साल से गिरफ्तारी से बच रहा था। पुख्ता खुफिया जानकारी मिलने के बाद उसे पकड़ा गया। छांगुर बाबा को इससे पहले उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के माधपुर गांव से गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके खिलाफ राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने, सामाजिक वैमनस्य फैलाने, धोखाधड़ी और ठगी जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।

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