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Aviation: दिल्ली-मुंबई हवाई रूट पर बढ़ी टक्कर, एयर इंडिया ने इंडिगो को पछाड़ा; यात्रियों को ऐसे मिल रहा फायदा

मुंबई से दिल्ली का हवाई मार्ग सीटों की उपलब्धता और उड़ानों की संख्या के आधार पर दुनिया के शीर्ष 10 सबसे व्यस्त हवाई मार्गों में शामिल हो गया है। इस रूट पर कभी पीछे रहने वाली एयर इंडिया अब इंडिगो को पछाड़ चुकी है। मुंबई-दिल्ली मार्ग पर एयरलाइंस के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा का असर किराए पर भी पड़ा है। बीते एक साल में हवाई टिकटों के दाम में गिरावट दर्ज की गई है। इसका सीधा फायदा आम यात्रियों को मिला है।

देश के हवाई रूटों पर तेजी देखने को मिल रही है। इनमें सबसे ज्यादा तेजी राजधानी दिल्ली से लेकर आर्थिक राजधानी मुंबई के बीच दिखाई दे रही है। सीटों की संख्या और उड़ानों की उपलब्धता के आधार पर यह रूट दुनिया के 10 सबसे व्यस्त हवाई मार्गों में शुमार हो गया है। इसी के चलते इस हवाई रूट पर एयरलाइंस कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है।

इस बेहद व्यस्त रूट पर एयर इंडिया उड़ानों और सीटों की संख्या के मामले में इंडिगो से आगे निकल गई है। इस मार्ग पर एयरलाइनों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सीधा असर हवाई किराए पर पड़ा है। पिछले एक साल में इस सेक्टर के टिकटों के दामों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यात्रियों को कम खर्च में सफर करने का मौका मिल रहा है। हालांकि, देश के कुल विमानन बाजार में इंडिगो अब भी लगभग 65 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी एयरलाइन बनी हुई है।

विमानन सेक्टर पर नजर रखने वाली वैश्विक रिसर्च कंपनी ओएजी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक,साल 2025 में मुंबई टू दिल्ली हवाई मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त घरेलू रूट्स में शामिल हो गया है। इस रूट पर साल भर में 76.4 लाख सीटें उपलब्ध कराई गईं, जिसके चलते यह दुनिया का आठवां सबसे व्यस्त हवाई मार्ग बन गया। खास बात यह है कि इस रूट ने बीजिंग-शंघाई-हांगझो जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मार्गों को भी पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में दुनियाभर में केवल आठ ऐसे घरेलू हवाई मार्ग रहे, जहां रोजाना औसतन 100 या उससे ज्यादा उड़ानें संचालित हुईं। यानी इन रूट्स पर हर घंटे चार से अधिक फ्लाइट्स का संचालन हुआ। इस खास सूची में भारत से केवल मुंबई–दिल्ली रूट को जगह मिली। इस रूट पर हर दिन औसतन 107 उड़ानें संचालित हुईं। यानी लगभग हर घंटे चार से ज्यादा फ्लाइट्स यात्रियों को सेवा दे रही थीं।

एयरलाइन कंपनियां आपस में कर रही प्रतिस्पर्धा
इस बीच मुंबई–दिल्ली हवाई मार्ग पर बढ़ती यात्रियों की संख्या को देखते हुए विमानन कंपनियों के बीच मुकाबला और तेज हो गया है। इस रूट पर कारोबार की बड़ी संभावनाओं के चलते एयरलाइंस अपनी मौजूदगी मजबूत करने में जुट गई हैं। सीरियम के ताजा आंकड़े बताते है कि, दिसंबर 2025 में एयर इंडिया समूह ने इस रूट पर इंडिगो की बढ़त को पीछे छोड़ दिया। जबकि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मिलकर कुल 3,41,202 सीटें उपलब्ध कराईं, जिससे उनकी संयुक्त हिस्सेदारी 48.8 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है। वहीं, इंडिगो इस रूट पर 2,71,052 सीटों और 38.8 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे नंबर पर रही। दिसंबर महीने में इंडिगो ने इस रूट पर अपनी क्षमता में करीब 6,820 सीटों की कटौती भी की। इस मार्ग की बची हुई सीटों आकाश एयर और स्पाइसजेट के पास रही।

एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों की संख्या दिसंबर 2024 में 63 से दोगुनी होकर 124 तक पहुंच गई है। इस रूट पर एयर इंडिया की 46 उड़ानें भी संचालित की जा रही हैं। वहीं, आकसा एयरलाइन ने भी अपनी उड़ाने बढ़ाई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष में कंपनी ने सीट क्षमता में 33 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की है। जबकि स्पाइसजेट ने अपनी क्षमता 23 प्रतिशत बढ़ा दी है। इस प्रतिस्पर्धा में सबसे ज्यादा फायदा यात्रियों को हुआ है, क्योंकि इसी वजह से हवाई किराया बेहद कम हो गया है।

अमर उजाला से चर्चा में विमानन विशेषज्ञों कहते है कि,मुंबई से दिल्ली मार्ग पर यात्रियों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। क्योंकि मुंबई में अदाणी समूह द्वारा संचालित नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की क्षमता फिलहाल सीमित है। हालांकि 25 दिसंबर से इस हवाई अड्डे का संचालन शुरू हो चुका है और धीरे-धीरे यहां उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाएगी। ऐसे में उम्मीद है कि आने वाले गर्मी के सीजन से मुंबई-दिल्ली मार्ग पर और ज्यादा उड़ानें शुरू की जाएंगी, जिससे यात्रियों को बेहतर विकल्प मिल सकेंगे।

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