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Dhoni Video: क्या टीम इंडिया टी20 विश्वकप जीत पाएगी? चैंपियन कप्तान धोनी ने रखी राय, इससे सावधानी बरतने को कहा

महेंद्र सिंह धोनी के मुताबिक, टीम इंडिया टी20 विश्व कप 2026 जीतने की पूरी क्षमता रखती है। अनुभव, भूमिका की स्पष्टता और शानदार फॉर्म भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं। हालांकि, ओस और टॉस जैसे बाहरी कारक भारत की राह मुश्किल कर सकते हैं। अगर टीम इन चुनौतियों को संभाल पाई, तो इतिहास रचना तय है।

भारत को 2007 में टी20 विश्व कप के पहले संस्करण में ट्रॉफी जिताने वाले पूर्व कप्तान एमएस धोनी को भरोसा है कि टीम इंडिया आगामी टी20 विश्व कप में अपने खिताब के बचाव में सफल रहेगी। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में जतिन सप्रू के साथ बातचीत करते हुए धोनी ने कहा कि सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली भारतीय टीम टूर्नामेंट की सबसे कम्प्लीट और शक्तिशाली टीम है। उनके मुताबिक, भारत के पास खिताब बचाने के लिए हर जरूरी संसाधन मौजूद है। धोनी ने टीम की ताकत पर बात करते हुए कहा, ‘टीम इंडिया टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। एक अच्छी टीम के लिए जो कुछ चाहिए, वह सब इस टीम के पास मौजूद है।’

अनुभव और रोल क्लैरिटी बनी ताकत
धोनी का मानना है कि खिलाड़ियों का अनुभव और उनकी भूमिका की स्पष्टता इस भारतीय टीम को बाकी टीमों से अलग बनाता है। टी20 जैसे छोटे फॉर्मेट में कई मौकों पर दबाव की स्थिति बनती है और बार-बार मुश्किलों से गुजरना पड़ता है। ऐसे में अनुभवी खिलाड़ी ही टीम को संभाल पाते हैं। उन्होंने कहा, ‘इस टीम के पास अनुभव है। खासकर इस फॉर्मेट में खिलाड़ियों ने लंबे समय तक दबाव में खेला है। हर खिलाड़ी अपनी भूमिका को अच्छे से जानता है और पहले भी ऐसी परिस्थितियों का सामना कर चुका है।’
धोनी की चेतावनी: ओस से बचें
जहां एक ओर धोनी ने भारत को खिताब का प्रबल दावेदार बताया, वहीं उन्होंने एक अहम चेतावनी भी दी। उनके मुताबिक, ओस (ड्यू) ऐसा फैक्टर है जो किसी भी मैच का रुख पलट सकता है। धोनी ने साफ कहा, ‘जो चीज मुझे परेशान करती है, वह है ओस। मुझे ओस बिल्कुल पसंद नहीं है। यह खेल में बहुत कुछ बदल देती है। मेरे खेलने के समय में भी ओस सबसे डराने वाली चीजों में से एक थी, क्योंकि फिर टॉस बेहद अहम हो जाता है।’

न्यूट्रल कंडीशंस में भारत का दबदबा
धोनी का मानना है कि अगर परिस्थितियां संतुलित रहीं, तो भारत ज्यादातर मुकाबलों में विजेता बनकर उभरेगा। उन्होंने भरोसे के साथ कहा, ‘अगर हम 10 मैच दुनिया की बेहतरीन टीमों के खिलाफ खेलें और परिस्थितियां न्यूट्रल रहें, तो भारत उसमें से ज्यादातर मैच जीतेगा।’

धोनी ने क्या चुनौतियां गिनाईं?
धोनी ने आगे कहा, ‘बस दिक्कत जो है, वह यह है कि आपकी टीम के किसी खिलाड़ी का दिन अच्छा नहीं है और सामने वाली टीम के किसी खिलाड़ी का बहुत अच्छा दिन जा रहा है। टी20 क्रिकेट में ऐसा कई बार होता है। बस यह देखने वाली बात होगी कि यह लीग स्टेज में होता है या फिर नॉकआउट स्टेज में होता है। तब हमें प्रार्थनाओं की जरूरत पड़ेगी।’

धोनी ने कहा, ‘टीम मैनेजमेंट समते हर कोई यही मनाता है कि चुनी गई टीम से कोई खिलाड़ी चोटिल न हो। जिन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, वो वह रोल अच्छे से निभाएं। अगर ऐसा होता है तो मैं यह कहकर नजर नहीं लगाना चाहता, लेकिन भारत सबसे खतरनाक और सबसे मजबूत टीम होगी।’

आंकड़े भी कर रहे भारत का समर्थन
टीम इंडिया का हालिया प्रदर्शन धोनी के भरोसे को मजबूती देता है। 2024 में टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारत ने कोई भी द्विपक्षीय सीरीज या टूर्नामेंट नहीं गंवाया है। इस दौरान भारत ने 32 में से 27 मैच जीते हैं। अगस्त 2023 के बाद से भारत ने 63 टी20 मैचों में 49 जीत दर्ज की हैं। भारत इस समय आईसीसी पुरुष टी20 रैंकिंग में नंबर-एक है। अभिषेक शर्मा नंबर-एक टी20 बल्लेबाज हैं, जबकि वरुण चक्रवर्ती शीर्ष टी20 गेंदबाज बने हुए हैं।

इतिहास रचने का सुनहरा मौका
भारत 2026 टी20 विश्व कप में मेजबान और डिफेंडिंग चैंपियन, दोनों के रूप में उतर रहा है। अब तक न कोई मेजबान टीम टी20 विश्व कप जीत पाई है और न ही कोई पुरुष टीम खिताब बचा पाई है। ऐसे में सूर्यकुमार यादव की टीम के सामने इतिहास रचने का बड़ा मौका है। साथ ही तीन बार टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बनने का भी मौका है।

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