ई-कॉमर्स शॉपिंग वेबसाइट के अनुसार, इंस्टामार्ट पर सामान्य दिनों की तुलना में इंडक्शन स्टोव की बिक्री करीब 10 गुना तक बढ़ गई है। वहीं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन पर पिछले 24 घंटों में मांग लगभग 20 गुना तक बढ़ने का दावा विक्रेताओं ने किया है। फ्लिपकार्ट ने भी पिछले कुछ दिनों में बिक्री में करीब तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज की है। बिग बास्केट ने बढ़ती मांग देखते हुए अपने स्टॉक का अनुमान बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। मांग बढ़ने के कारण कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इंडक्शन स्टोव के अधिकांश मॉडल आउट ऑफ स्टॉक हो गए हैं और केवल कुछ महंगे विकल्प ही उपलब्ध हैं।
अब ‘निश’ प्रोडक्ट नहीं रहा इंडक्शन
एक कंपनी के मालिक रवि सक्सेना के अनुसार, अब इंडक्शन कुकटॉप सिर्फ छात्रों या हॉस्टल में इस्तेमाल होने वाला ऑप्शन नहीं रह गया है। पिछले कुछ साल में यह कई शहरी घरों में सेकेंडरी कुकिंग ऑप्शन बन गया है। अनुमान है कि देश के शहरी इलाकों में करीब 12-15 फीसदी घरों में पहले से इंडक्शन कुकटॉप मौजूद है। गैस सिलिंडर मिलने में देरी होती है या सप्लाई में दिक्कत आती है, तो लोग दूध उबालने, चाय बनाने या हल्की-फुल्की कुकिंग के लिए इंडक्शन का इस्तेमाल करते हैं। इंडक्शन कुकटॉप के साथ लिए खास तरह के बर्तनों की जरूरत होती है। इंडक्शन की मांग बढ़ने से इन बर्तनों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
बैकअप के लिए इंडक्शन की खरीद
लोग बैकअप के तौर पर इंडक्शन कुकटॉप खरीदना पसंद कर रहे हैं। बदरपुर निवासी पिंकी देवी ने बताया कि इंडक्शन बिजली से चलता है और इसमें गैस की जरूरत नहीं होती, इसलिए यह गैस के विकल्प के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। मंगलवार को ही इंडक्शन चूल्हे का ऑर्डर दिया है।
बढ़ती मांग का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला
बढ़ती मांग का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला है। किचन अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में तेजी आई है। ऐसे में एक निजी कंपनी के शेयरों में करीब 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि एक प्रतिष्ठित कुकर्स कंपनी और इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों में भी तेजी देखी गई।
विशेषज्ञ की राय….
भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग दो-तिहाई हिस्सा आयात करता है, जिसमें से 90 फीसदी से अधिक हिस्सा यूएई, कतर और सऊदी अरब जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आता है। ताजा घटनाक्रम खाना पकाने के ईंधन के लिए आयात पर निर्भरता के जोखिम को दिखाता है। सरकार को शहरी परिवारों को इलेक्ट्रिक इंडक्शन स्टोव पर खाना पकाने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करना चाहिए। इससे घरेलू एलपीजी की मांग पर दबाव कम होगा। नीति आयोग की रिपोर्ट का अनुमान है कि 2047 तक खाना पकाने के विभिन्न ईंधनों में एलपीजी की हिस्सेदारी 15 फीसदी होगी। अगले 10 वर्षों में इस बदलाव को तेजी से पूरा करने के प्रयास किए जाने चाहिए।
-अभिषेक कर, फेलो, सीईईडब्ल्यू
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