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Republic Day: गणतंत्र दिवस पर अत्याधुनिक कैमरों की सुरक्षा में होगी दिल्ली, 1000 CCTV कैमरे लगवाने की तैयारी

दिल्ली पुलिस ने राजधानी की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को नए स्तर पर ले जाने की योजना बनाई है।

गणतंत्र दिवस-2026 की तैयारियों के तहत दिल्ली में सुरक्षा अभेद्य रहेगी। दिल्ली पुलिस ने राजधानी की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को नए स्तर पर ले जाने की योजना बनाई है। पहली बार बड़े पैमाने पर आईपी आधारित 2 और 4 मेगापिक्सल के हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें अत्याधुनिक वीडियो एनालिटिक्स की पूरी शृंखला मौजूद होगी। पुलिस मुख्यालय की प्रोविजनिंग एंड लॉजिस्टिक्स इकाई ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस सीसीटीवी कैमरों को लगाने के लिए एजेंसी नियुक्त करेगी। तकनीकी रूप से योग्य एजेंसी को कैमरों का लाइव डेमो कर्तव्य पथ–इंडिया गेट क्षेत्र में देना होगा।

उत्तर, मध्य, नई दिल्ली, उत्तर पश्चिम जिले और सुरक्षा यूनिट में फैले गणतंत्र दिवस समारोह क्षेत्र और मार्गों पर 1000 से अधिक कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों को 16 जनवरी से लेकर 26 जनवरी तक विभिन्न तिथियों में संचालन में लाया जाएगा, जबकि बीटिंग रिट्रीट-2026 के लिए नई दिल्ली जिला और सुरक्षा यूनिट में अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे न सिर्फ संवेदनशील इलाकों, कर्तव्य पथ, इंडिया गेट, राजपथ मार्गों और वीवीआईपी इलाकों की निगरानी करेंगे बल्कि परेड रूट, दर्शक दीर्घा, भवनों की छतों, पार्किंग और भीड़भाड़ वाले हिस्सों को भी कवर करेंगे।
अत्याधुनिक एनालिटिक्स से लैस निगरानी प्रणाली…
सुरक्षा में लगाए जाने वाले सभी कैमरे नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर), फेस रिकॉग्निशन, ट्रिप वायर, इंट्रूजन डिटेक्शन, भीड़ आकलन प्रणाली, संदिग्ध वस्तु पहचान जैसी उन्नत सुविधाएं होंगी। दिल्ली पुलिस ने निगरानी प्रणाली में साइबर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दिया है। कैमरों के लिए केंद्र सरकार की ओर नामित मानक परीक्षण प्रयोगशाला से सुरक्षा प्रमाणन रिपोर्ट उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। कैमरों को सुरक्षा मानकों का पूरा पालन करना होगा। निगरानी नेटवर्क हैकिंग, डाटा चोरी और साइबर हमले से सुरक्षित रहेगा। कैमरों से मिलने वाली फुटेज को सुरक्षित रखने के लिए कम से कम 15 दिन तक रिकॉर्डिंग करने में सक्षम नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर लगाए जाएंगे।

48 घंटे की लगातार रिकॉर्डिंग दिखानी होगी तकनीकी रूप से योग्य एजेंसी को कैमरों का लाइव डेमो कर्तव्य पथ–इंडिया गेट क्षेत्र में देना होगा। डेमो से पहले कैमरों की 48 घंटे की लगातार रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत करनी होगी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उत्तरी जिले में 105 कैमरे और 40 वीडियो एनालिटिक्स फीचर, मध्य जिले में 154 कैमरे और 42 एनालिटिक्स फीचर, उत्तर पश्चिम जिले में 90 कैमरे और 35 एनालिटिक्स फीचर लगाए जाएंगे। नई दिल्ली जिले में 156 कैमरे और 85 एनालिटिक्स फीचर और सुरक्षा यूनिट में 310 कैमरे और 174 एनालिटिक्स फीचर वाले कैमरों लगाए जाएंगे। बीटिंग रिट्रीट के दौरान 14 कैमरे और सुरक्षा यूनिट में 120 कैमरे अतिरिक्त रूप से लगाए जाएंगे।

राजधानी को मिलेगा नया सुरक्षा घेरा
हर साल गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में लाखों दर्शक और देश-विदेश से आए अतिथि शामिल होते हैं। इस अवधि में सुरक्षा खतरों की आशंका भी सबसे ज्यादा होती है। यही कारण है कि राजधानी की सुरक्षा में आधुनिक तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार लगाई जा रही प्रणाली न केवल संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल नजर रखने में सक्षम होगी, बल्कि भीड़ प्रबंधन, वीवीआईपी सुरक्षा और आपदा की स्थिति में निगरानी एजेंसियों को रियल टाइम निर्णय लेने में मदद करेगी।

ऐसे मिलेगी सुरक्षा एजेंसियों को मदद… 

  • संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पहचान
  • अचानक छोड़े गए बैग या वस्तु का अलर्ट
  • वाहन नंबर प्लेट की स्वचालित पहचान
  • भीड़ का रियल टाइम आंकलन
  • प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसपैठ की चेतावनी
  • चेहरा पहचान प्रणाली के जरिए संदिग्ध व्यक्तियों की स्कैनिंग

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