निर्माण में काले धन के इस्तेमाल की जांच
ईडी इस बात की जांच कर रही है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में लगाए गए फंड कथित ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ से तो नहीं आए। एजेंसी को संदेह है कि अवैध तरीके से जुटाई गई रकम को फरीदाबाद के धौज इलाके में स्थित यूनिवर्सिटी की इमारतों के निर्माण में खपाया गया।
चेयरमैन जवाद सिद्दीकी पहले से गिरफ्तार
अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को ईडी ने नवंबर में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि अल-फलाह ट्रस्ट द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों ने बिना वैध मान्यता और मानक पूरे किए छात्रों को दाखिला देकर उनसे फीस वसूली।
₹415.10 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप
ईडी ने अदालत को बताया है कि सिद्दीकी के निर्देश पर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट ने फर्जी मान्यता और गलत दावों के जरिए छात्रों व अभिभावकों को गुमराह कर कम से कम ₹415.10 करोड़ की अवैध कमाई की।
संपत्तियों की पहचान और वैल्यूएशन शुरू
सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी अल-फलाह ट्रस्ट की चल-अचल संपत्तियों की पहचान और मूल्यांकन की प्रक्रिया में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद पीएमएलए के तहत अवैध धन से अर्जित या निर्मित संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया जाएगा।
छात्रों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी
सूत्रों ने बताया कि कैंपस अटैच होने की स्थिति में भी छात्रों की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखे जाने की व्यवस्था की जाएगी। जरूरत पड़ने पर सरकार द्वारा नियुक्त रिसीवर को यूनिवर्सिटी प्रशासन सौंपा जा सकता है।
दिल्ली में जमीन खरीद में जालसाजी की भी जांच
ईडी कम से कम पांच ऐसे मामलों की जांच कर रही है, जिनमें दिल्ली में जमीन खरीद के लिए जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) से जुड़े दस्तावेजों के कथित रूप से फर्जी होने का आरोप है। ये दस्तावेज सिद्दीकी से जुड़े ट्रस्ट के इशारे पर तैयार किए गए बताए जा रहे हैं।
आतंकी मॉड्यूल जांच में यूनिवर्सिटी का नाम सामने आया
अल-फलाह यूनिवर्सिटी की भूमिका उस ‘व्हाइट-कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल की जांच में सामने आई, जिसमें एनआईए और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीन डॉक्टरों समेत 10 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।
लाल किला धमाके का आरोपी डॉक्टर यहीं से जुड़ा
अल-फलाह मेडिकल कॉलेज से जुड़ा डॉक्टर उमर-उन-नबी 10 नवंबर को रेड फोर्ट के बाहर कार बम धमाके का आत्मघाती हमलावर था। इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी।
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