header advertisement

Delhi Air Quality: दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-3 हटा, एक और दो लागू…; इस वजह से लिया गया फैसला

सीएक्यूएम ने स्पष्ट किया है कि ग्रैप के स्टेज-एक और स्टेज-दो के तहत लागू सभी उपाय एनसीआर में पहले की तरह जारी रहेंगे।

दिल्ली की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। जहां बीते दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 380 रिकॉर्ड किया गया था, वहीं आज शाम 4 बजे यह घटकर 236 पर पहुंच गया, जिससे हवा की गुणवत्ता में लगातार सुधार का रुझान देखने को मिला है।

पूरे एनसीआर में लागू हुआ आदेश
मौजूदा वायु गुणवत्ता के रुझान को ध्यान में रखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ग्रैप उप-समिति ने बड़ा फैसला लिया है। उप-समिति ने पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में तत्काल प्रभाव से ग्रैप के स्टेज-तीन के तहत लागू सभी प्रतिबंधों को वापस लेने का निर्णय किया है।

हवा की गुणवत्ता पर रखी जा रही नजर
हालांकि, सीएक्यूएम ने स्पष्ट किया है कि ग्रैप के स्टेज-एक और स्टेज-दो के तहत लागू सभी उपाय एनसीआर में पहले की तरह जारी रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार, हवा की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

तेज हवाओं ने जहरीली फिजा से पहुंचाई हल्की राहत, खराब श्रेणी हवा दर्ज
राजधानी में नए साल के दूसरे दिन लोगों को जहरीली फिजा से हल्की राहत मिली है। हवा की दिशा बदलने और गति तेज होने के चलते शुक्रवार को बयार खराब श्रेणी में पहुंच गई। ऐसे में सुबह की शुरुआत धुंध और कोहरे की मोटी परत से हुई। वहीं, पूरे दिन आसमान में स्मॉग की मोटी चादर भी दिखाई दी। इसके चलते कई इलाकों में दृश्यता भी बेहद कम रही। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 236 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है। इसमें गुरुवार की तुलना में 144 सूचकांक की गिरावट दर्ज की गई।

एनसीआर में गाजियाबाद सबसे प्रदूषित
दूसरी ओर, एनसीआर में गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 239 दर्ज किया गया, यह हवा की खराब श्रेणी है। वहीं, गाजियाबाद में 356, ग्रेटर नोएडा में 238 नोएडा में 229 और फरीदाबाद में 210 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, गुरुग्राम की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 187 दर्ज किया गया। यह हवा की मध्यम श्रेणी है। सीपीसीबी के अनुसार, शुक्रवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 5 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1400 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 6000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 183.5 और पीएम2.5 की मात्रा 111.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। इसके अलावा, शुक्रवार को कई इलाकों में बेहद खराब, खराब और मध्यम श्रेणी में हवा दर्ज की गई।

सोमवार से बेहद खराब श्रेणी में जा सकती है हवा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि रविवार तक हवा इसी श्रेणी में बरकरार रहेगी। हालांकि, सोमवार से हवा एक बार फिर से बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी, और सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

Next Post

No Comments:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

sidebar advertisement

National News

Politics