किराड़ी जलभराव: दिल्ली के मंत्री का दावा, 11 साल तक आप ने नहीं किया कोई काम; अब एक साल में मिलेगा स्थाई समाधान
दिल्ली मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि किराड़ी के पांच-छह बड़े नालों पर काम शुरू हो चुका है। आम आदमी पार्टी ने 11 साल तक कोई काम नहीं किया। अगले साल तक जलभराव समाप्त होगा, इलाके में 2014 से कोई सीवर लाइन नहीं बिछी थी।
सोशल मीडिया पर किराड़ी के कुछ हिस्सों में सीवर-प्रदूषित पानी जमा होने के वीडियो वायरल हुए हैं। वहीं इसपर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि पांच से छह बड़े नालों पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने 11 वर्षों तक कोई काम नहीं किया और बीजेपी सरकार द्वारा अगले साल तक किराड़ी में जलभराव पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। 2014 से इलाके में कोई सीवर लाइन नहीं बिछी थी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा कहते हैं कि 2014 में किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में एक आप विधायक जीते, और 2022 के बाद से पूरा क्षेत्र धीरे-धीरे जलभराव वाला बन गया। इस जलभराव का कारण यह है कि यह क्षेत्र आसपास के इलाकों की तुलना में नीचा है। लगभग 10 लाख लोग इस क्षेत्र में रहते हैं, और आप सरकार और पूर्व कांग्रेस सरकार दोनों के दौरान वहां कोई सीवर लाइन नहीं बिछाई गई।
मंत्री प्रवेश वर्मा के अनुसार किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में जलभराव को लेकर भ्रामक और राजनीतिक रूप से प्रेरित गलत जानकारी फैलाई जा रही है। दिल्ली सरकार ने झूठे दावों का जवाब देने के लिए आधिकारिक और दस्तावेजी तथ्य रिकॉर्ड पर रखे हैं।आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक 11 वर्षों में किराड़ी में सीवर रखरखाव पर केवल 43 लाख रुपये खर्च किए गए। किराड़ी की कॉलोनियां वर्ष 2000 से पहले से मौजूद थीं, लेकिन आज तक कोई समग्र सीवर नेटवर्क नहीं बिछाया गया। उनका कहना है कि पिछले एक दशक में हर साल मीडिया में एक जैसे जलभराव के दृश्य सामने आते रहे, जो लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा को साबित करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि किराड़ी सीवरेज परियोजना को दिसंबर 2020 में मंजूरी मिली, लक्ष्य दिसंबर 2024 तय किया गया। प्रशासनिक विफलताओं और आपसी समन्वय की कमी के कारण परियोजना वर्षों तक रुकी रही। बकाया भुगतान न होने के कारण ठेकेदारों ने काम बंद कर दिया।
प्रवेश वर्मा नेवर्तमान प्रगति और आधिकारिक आंकड़े पर कहा कि सीवर कार्य 70 प्रतिशत यानी 286 किलोमीटर से बढ़कर 84 प्रतिशत यानी 340 किलोमीटर तक पहुंचा। 54 किलोमीटर नई सीवर लाइन जोड़ी गई। प्रताप विहार, प्रेम नगर और भाग्य विहार एसपीएस क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई। संशोधित लक्ष्य जून 2026 तय किया गया है, चरणबद्ध तरीके से कमीशनिंग होगी।
मौजूदा सरकार को लेकर उन्होंने कहा कि विभागों के बीच एकीकृत और समन्वित कार्रवाई की गई है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा नालों का पुनर्रूपांकन हुआ है। पीडब्ल्यूडी के कार्य समानांतर रूप से प्रगति पर है।
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