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Delhi Metro New Route: तुगलकाबाद से कालिंदी सिर्फ 12 मिनट में, 3.9 KM में 4 स्टेशन, नोएडा और फरीदाबाद को फायदा

दक्षिणी दिल्ली में मेट्रो की कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा। इसको लेकर डीएमआरसी ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। फेज-पांच के अंतर्गत गोल्डन लाइन का विस्तार किया जाएगा, जिसके तहत एक नया एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण होगा।

दक्षिणी दिल्ली में मेट्रो की कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में दिल्ली मेट्रो ने एक और अहम कदम उठाया है। फेज-पांच के तहत गोल्डन लाइन के विस्तार के रूप में एक नया एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। यह कोरिडोर दक्षिणी दिल्ली की मेट्रो कनेक्टिविटी को मजबूती देने के साथ-साथ नोएडा, दिल्ली और फरीदाबाद के बीच संपर्क बढ़ाएगा।

इस नए एलिवेटेड कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि महज 3.9 किलोमीटर के दायरे में सिर्फ चार मेट्रो स्टेशन होंगे। इनमें से दो स्टेशन पहले से संचालित हैं, जबकि दो नए स्टेशन जोड़ने के बाद पूरा कॉरिडोर चालू हो जाएगा। सीमित स्टेशनों वाला यह तेज रूट हजारों यात्रियों को दिल्ली के भारी ट्रैफिक और लंबी मेट्रो यात्राओं से निजात दिलाएगा।

तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज सिर्फ 12 मिनट में
डीएमआरसी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, दक्षिणी दिल्ली में लगातार बढ़ रही यात्रा जरूरतों को देखते हुए गोल्डन लाइन का एलिवेटेड विस्तार किया जा रहा है। यह कॉरिडोर तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज को जोड़ेगा और यमुना रिवरफ्रंट के आसपास बसे इलाकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने का काम करेगा। इस रूट पर मेट्रो चलने के बाद तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक की दूरी सिर्फ 10 से 12 मिनट में तय की जा सकेगी। वर्तमान में दक्षिणी दिल्ली से नोएडा या नोएडा से बदरपुर बॉर्डर तक पहुंचना यात्रियों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं है।

इस समय दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाली दो मेट्रो लाइनें संचालित हैं, लेकिन इनसे सफर करने पर काफी समय लग जाता है। पहला रूट ब्लू लाइन और वॉयलेट लाइन का है। इस रूट पर नोएडा सिटी सेंटर से बदरपुर बॉर्डर पहुंचने में करीब 1 घंटा 23 मिनट लगते हैं। यात्रियों को मंडी हाउस पर लाइन बदलनी पड़ती है और कुल 31 स्टेशन आते हैं। वहीं दूसरा रूट ब्लू, मेजेंटा और वॉयलेट लाइन को मिलाकर बनता है। इसमें स्टेशन कम हैं, लेकिन यात्रियों को दो बार मेट्रो बदलनी पड़ती है। बोटेनिकल गार्डन से कालकाजी मंदिर तक आने के बाद करीब 300 मीटर पैदल चलकर दूसरी लाइन पकड़नी पड़ती है, जिससे समय और ऊर्जा दोनों खर्च होते हैं।

कालिंदी कुंज से सीधा एयरपोर्ट
गोल्डन लाइन कॉरिडोर तुगलकाबाद से दिल्ली एरोसिटी तक बनाई जा रही। वर्तमान में 80 फीसदी से अधिक काम भी पूरा हो चुका है। विस्तार के तौर पर देखा जाए तो तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। वहीं एरोसिटी के आगे आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल एक तक बढ़ाया जाएगा। इससे इस कॉरिडोर की मदद से कालिंदी कुंज से सीधा टर्मिनल एक तक सीधा संपर्क की सुविधा होगी।

तुगलकाबाद को बनाया जाएगा मेट्रो हब
वहीं दूसरी तरफ तुगलकाबाद को मेट्रो हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पर नया भूमिगत तुगलकाबाद मेट्रो स्टेशन तैयार किया जा रहा है। यह करीब 23 मीटर की गहराई पर बनेगा। इसमें भूमिगत पार्किंग में करीब 200 वाहनों की सुविधा होगी। नए और पुराने स्टेशन के बीच करीब 45 मीटर का सबवे बनेगा। नए कॉरिडोर के टर्मिनल स्टेशन के रूप में तुगलकाबाद स्टेशन को एक टनल के जरिये सरिता विहार डिपो से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सरिता विहार डिपो का विस्तार किया जा रहा है। अभी यहां से केवल वॉयलेट लाइन की ट्रेनें गुजरती हैं।

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