पुलिस ने रविवार को एक प्रेसनोट जारी करते हुए बताया कि मोनेंद्र ने जान का खतरा होने का आरोप लगाया है। साथ ही दबाव बनाने का आरोप भी लगाए हैं। पुलिस ने मोनेंद्र की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की बहन और जीजा यूनाइटेड किंगडम (यूके) में रहते हैं। उन्हें भारत आने का वीजा मिल गया है। दोनों के इस सप्ताह भारत पहुंचने की संभावना है। हादसे के बाद से ही युवराज की बहन भारत आकर अपने भाई को अंतिम विदाई देना चाहती थीं, लेकिन वीजा संबंधी औपचारिकताओं के कारण देरी हो रही थी।
परिजनों के अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही युवराज की बहन गहरे सदमे में चली गई थी। लगातार प्रयासों के बाद अब उन्हें और उनके पति को वीजा मिल गया है। परिजन उम्मीद जता रहे हैं कि युवराज की बहन के भारत पहुंचने के बाद वह सभी मिलकर उसकी आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजा-अर्चना और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
विदेश में शिफ्ट होने के बारे में बाद में लेंगे फैसला
एसआईटी की जांच पूरी, कार्रवाई का इंतजार
सेक्टर 150 में 16 जनवरी को हुए हादसे के बाद सिस्टम की लापरवाही से युवराज मेहता की मौत हो गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी की जांच पांच दिनों तक चली। इस दौरान 150 लोगों के बयान दर्ज किए।
