
सक्षम रोज़गार सोसाइटी द्वारा नोएडा और कौशांबी में चार स्थानों पर तीसरी वार्षिक ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिनमें प्रतियोगिता में कुल 780 छात्रों ने भाग लिया, जिन्होंने जीवंत और कल्पनाशील कलाकृतियों के माध्यम से उल्लेखनीय कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजन स्थलों में विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रगति पब्लिक इंटर कॉलेज में विमला कौशिक, गांधी स्मारक इंटर कॉलेज में मेजर डॉ. मुकेश द्विवेदी, सरस्वती बालिका विद्यालय में प्रमोद वर्मा और शिप्रा कृष्णा अज़ूरे सोसाइटी, कौशाम्बी में एस. पी. मिश्रा (डीआरडीओ) और विनय जायसवाल (सेल) शामिल थे।
इस अवसर पर कौशाम्बी ग़ाज़िबाद में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सक्षम रोज़गार सोसाइटी (SRS) की अध्यक्ष ज्योतिका कालरा ने कहा कि सोसाइटी कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य कम उम्र से ही प्रतिभाओं की खोज और उनका मार्ग दर्शन है। हम याद रखना चाहिए कि सार्थक सीखना एक क्रमिक प्रक्रिया है जिसके लिए निरंतर प्रयास, दीर्घकालिक समर्पण और शुरुआती जुड़ाव की आवश्यकता होती है। विशिष्ट अतिथि एस पी मिश्र ने कहा कि इस पहल से छात्रों में रचनात्मकता, कलात्मक अभिव्यक्ति और समुदाय की एक मजबूत भावना को बढ़ावा में मदद मिलेगी। विशिष्ट अतिथि विनय जायसवाल जीवन में आगे बढ़ने का गुरु मन्त्र देते हुए कहा कि उसका कोई शॉर्ट कट नहीं है, लक्ष्य तय करना और उस लक्ष्य के लिए जी तोड़ मेहनत करना ही सफलता की कुंजी है। सक्षम रोज़गार सोसाइटी के महासचिव और माटी के संयोजक आसिफ आज़मी ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि स्वयं की तरक़्क़ी और उन्नति के साथ-साथ हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि वे किस प्रकार से अपने परिवार, अपने समाज और अपने देश के काम आ सकते हैं।
प्रतियोगिता में विषयों को बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए सोच-समझकर डिज़ाइन किया गया था। प्रतिभागियों को मौके पर ही विषय दिए गए जैसे चिड़ियाघर में एक दिन, स्वच्छ भारत- स्वस्थ भारत, ऑपरेशन सिंदूर, और वायु प्रदूषण आदि। प्रत्येक छात्र को ड्राइंग शीट और वैक्स क्रेयॉन दिए गए, जिससे उन्हें अपनी रचनात्मकता को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने का मौका मिला। यह कार्यक्रम सभी के लिए समावेशिता और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से निःशुल्क आयोजित किया गया था। विजेताओं को उनके प्रयासों की मान्यता में पुरस्कार और प्रमाण पत्र मिले।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सुमित गौर, ज़ुनैरा अम्ब्रीन, एडवोकेट अभिषेक, संदीप चावला, राधा आर्य, दीप्ति चावला, सीए अविनेश मत्ता, ओम जी, अमित गौतम, रघु कालरा, मुकेश जैन, निशि जैन, अजय आर्य और इफ़्तेख़ार हुसैन की प्रमुख भूमिका रही।

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