दिल्ली के एक परिवार को वर्ष 2012 में कोका-कोला की दो बोतलें फटने से बड़ा नुकसान हुआ था। इस मामले में उपभोक्ता अदालत ने कंपनी पर सख्ती दिखाते हुए 1 लाख रुपये मुआवजा और 50 हजार रुपये मुकदमे का खर्च देने का आदेश दिया है।
माइक्रोवेव, वॉटर प्यूरीफायर, मिक्सर और मोबाइल फोन भी खराब हो गए। पांच दिन बाद दूसरी बोतल फटी, जिसका धमका और जोरदार था। इससे तरुण के दिल की बीमारी के मरीज 75 साल के पिता को दिल का दौरा पड़ने से जैसी समस्या हुई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा। परिवार को काफी परेशानी हुई, और सफाई में कई दिन लगे।
तरुण ने हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेज प्राइवेट लिमिटेड और कोका-कोला इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से शिकायत की लेकिन कंपनियों के अधिकारी रूखा बर्ताव करते रहे और फोन नहीं उठाते थे। शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। कई ईमेल, फोन और विजिट के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला। कंपनी ने पहले नए टीवी और मोबाइल देने का वादा किया, लेकिन बाद में मुकर गई। आखिरकार, तरुण ने 2013 में दिल्ली की जिला उपभोक्ता अदालत में मामला दायर किया।

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