दरअसल, बीते दिन यूजीसी के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान नोंकझोंक का मामला सामने आया था। इसे पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं अब इस मामले में रुचि तिवारी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ‘मैं एक जर्नलिस्ट हूं, जो प्रोटेस्ट कवर करने वहां गई थी। मीडिया वालों में से एक ने मेरा ध्यान खींचने के लिए मेरा नाम लिया। मैं उनके पास गई, फिर उन्होंने मेरा पूरा नाम और जाति पूछी। उन्होंने कुछ लोगों को इशारा किया और पूरी भीड़ मेरी तरफ आई और मुझ पर हमला कर दिया।’
रुचि तिवारी ने आगे कहा कि ‘यह वीडियो में साफ है। करीब 500 लोगों ने मुझ पर हमला किया। उनके पास बस झूठी बातें और झूठे आरोप हैं। मेरे आस-पास की लड़कियों ने मेरे कानों में दुष्कर्म की धमकी दी, क्योंकि मैं ब्राह्मण हूं।’
रुचि ने कहा कि ‘मेरे आस-पास के आदमी कह रहे थे कि वे मुझे सबक सिखाएंगे। लड़कियों ने मुझे हाथ और गर्दन से पकड़ा हुआ था। यह हत्या की कोशिश है। मैं बेहोश हो गई थी लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया…वे यूजीसी के गुंडे थे, वे स्टूडेंट नहीं हो सकते… मुझ पर मेरी जाति की वजह से हमला हुआ। किसी ने मेरा साथ नहीं दिया, सिर्फ़ कुछ लॉ फैकल्टी ने इंसानियत दिखाई और मैं उनकी मदद से और कुछ महिला पुलिसवालों की मदद से बाहर आ पाई। एफआईआर रजिस्टर हो गई है, मुझे कानून पर भरोसा है। यह घटना करीब आधे घंटे तक चली। वहां मॉब लिंचिंग हुई, मैं किसी तरह बच निकलि, यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।
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