अमेरिकी दूतावास ने भारत के साथ आतंक नेटवर्क को खत्म करने में जारी सहयोग को लेकर बड़ा बयान दिया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई और उसके करीबी अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से वापस लाए जाने के बाद दिल्ली की अदालत ने उसे 11 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया है। दूतावास ने कहा कि दोनों देशों का साझा उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ाव
एनआईए के अनुसार अनमोल बिश्नोई, जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई द्वारा संचालित आतंक-गैंगस्टर सिंडिकेट का हिस्सा है। मार्च 2023 में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। उसे इस नेटवर्क में शामिल 19वां आरोपी बताया गया है। एजेंसी का कहना है कि वह विदेश से संचालन कर अपराधियों को निर्देश देता था।
अमेरिका-भारत सहयोग को मिला नया आयाम
अनमोल बिश्नोई की गिरफ्तारी और वापसी ने भारत-अमेरिका सुरक्षा सहयोग को और मजबूत बनाया है। दूतावास के बयान ने संकेत दिया है कि दोनों देश आगे भी आतंक और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करेंगे। भारत के लिए यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है क्योंकि कई इंटरनेशनल मॉड्यूल इस गैंग से जुड़े पाए गए हैं।
अमेरिका से निर्वासित किए गए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को दिल्ली कोर्ट ने एनआईए की 11 दिन की कस्टडी में भेज दिया। इसी बीच अमरीकी दूतावास ने भारत के साथ मिलकर आतंक नेटवर्क ध्वस्त करने की साझेदारी दोहराई। अनमोल कई हाई-प्रोफाइल मामलों में वांछित था और 2022 से फरार चल रहा था। एनआईए ने उसे बिश्नोई के आतंक-गैंगस्टर सिंडिकेट का अहम हिस्सा बताया।

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