पूर्वोत्तर भारत के सिनेमा को वैश्विक मंच देने वाला नॉर्थईस्ट इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्री एंड फिल्म फेस्टिवल (NIDFF) इस साल अपने तीसरे संस्करण के साथ लौट रहा है। 13 दिसंबर को गुवाहाटी स्थित ज्योति चितरबन फिल्म स्टूडियो में होने वाला यह महोत्सव न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय फिल्मों को एक मंच पर लाएगा, बल्कि पूर्वोत्तर की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को भी दुनिया के सामने पेश करेगा।
क्षेत्रीय भाषाओं की चमक
NIDFF में इस बार क्षेत्रीय फिल्मों की जोरदार मौजूदगी है। फेस्टिवल में असमिया, खासी, उड़िया, कन्नड़, तेलुगु, मराठी, तमिल, बंगाली, राजस्थानी, गुजराती और पंजाबी फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग होगी। इन भाषाओं और संस्कृतियों से आने वाली फिल्मों का उद्देश्य भारतीय विविधता को एक ही मंच पर प्रस्तुत करना है।
दिनभर का क्या रहेगा कार्यक्रम
महोत्सव की शुरुआत ‘भूपेन–जुबिन क्विज’ से होगी—एक मनोरंजक और ज्ञानवर्धक आयोजन, जिसका उद्देश्य भूपेन हजारिका और जुबिन गर्ग के योगदान का जश्न मनाना है। इसके बाद 11 लघु फिल्मों और शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग होगी।इंडस्ट्री के अनुभवी विशेषज्ञों के साथ पैनल डिस्कशन भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जहां सिनेमा, तकनीक, स्टोरीटेलिंग और क्षेत्रीय फिल्म निर्माण पर चर्चा होगी।
कई श्रेणियों में दिए जाएंगे पुरस्कार
फेस्टिवल में फिल्मों को कई श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं- बेस्ट शॉर्ट फिल्म, बेस्ट फीचर फिल्म, बेस्ट शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री, बेस्ट फीचर डॉक्यूमेंट्री, बेस्ट नॉर्थईस्ट इंडिया स्पेशल अवॉर्ड, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट एक्टर (पुरुष एवं महिला), बेस्ट डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी, बेस्ट एडिटिंग, बेस्ट स्क्रीनप्ले, बेस्ट साउंड डिजाइन। इन पुरस्कारों का उद्देश्य उभरते फिल्मकारों को प्रोत्साहित करना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को सिनेमा के माध्यम से आगे लाना है।

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