दो साल पहले ब्रिटेन के डर्बी के अल्वास्टन में हुए कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हिंसा और हथियार चलाने के मामले में तीन भारतीय मूल के पुरुषों को जेल की सजा दी गई है। मामले में 35 वर्षीय दमनजीत सिंह, 35 वर्षीय बूटा सिंह और 42 वर्षीय राजविंदर ताखर सिंह 2023 में हुए इस झगड़े में शामिल पाए गए। इस हिंसा में कई लोग घायल भी हुए थे। सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया, लेकिन पिछले महीने डर्बी क्राउन कोर्ट में चलाए गए मुकदमे में उन्हें दोषी पाया गया।
ऐसे में कोर्ट ने बूटा सिंह को हिंसक झगड़े और हथियार रखने के दोष में 4 साल की जेल की सजा सुनाई है। दमनजीत सिंह को हिंसक झगड़े और ब्लेड रखने के दोष में 3 साल 4 महीने की जेल दी गई। वहीं राजविंदर ताखर सिंह को हिंसक झगड़े और हथियार रखने के लिए 3 साल 10 महीने की जेल हुई। इससे पहले, सात अन्य भारतीय मूल के पुरुषों को भी इस हिंसा में शामिल होने के लिए जेल हुई थी।
क्या है पूरा घटनाक्रम, यहां समझिए
बता दें कि यह घटना तब की है जब पुलिस को 20 अगस्त 2023 को शाम लगभग 4 बजे खबर मिली कि एल्वास्टन लेन के पास कोई गोली चल रही है और लोग हथियार लेकर लड़ रहे हैं। वीडियो में देखा गया कि बूटा सिंह विरोधी समूह के पीछे दौड़ते हुए जा रहे थे। उनके पास घटना के समय कोई हथियार नहीं था, लेकिन दो दिन बाद जब पुलिस ने उनकी गाड़ी रोकी, तो कार के बूट में दो माचिस जैसी बड़ी चाकू मिली। दमनजीत सिंह और राजविंदर ताखर सिंह के पास भी झगड़े के समय बड़े चाकू थे।
पुलिस ने क्या कहा?
वहीं मामले में डिटेक्टिव चीफ इंस्पेक्टर मैट क्रूम ने कहा कि जो दिन खेल देखने का होना था, वह दिन हिंसा और चोट का दिन बन गया। उन्होंने कहा कि इस घटना और जांच का स्थानीय लोगों और मैच देखने आए दर्शकों पर बड़ा असर पड़ा। पुलिस ने बताया कि यह झगड़ा पहले से योजना बनाकर किया गया था, और समूह ब्रंसविक स्ट्रीट, डर्बी में पहले से इकट्ठा हुआ था।

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