Venezuela Attack: मादुरों को हटाने से पहले कब-कब अमेरिका ने वेनेजुएला पर तेल भंडार को लेकर दबाव बनाया
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने वेनेजुएला में कोई कार्यवाई की है। बल्की यह विवाद दशकों पुराना है। पहले यहां के तेल में अमेरिकी कंपनियों का बहुत दखल था। लेकिन 1976 में राष्ट्रीयकरण के बाद यह दखल कम हुआ। जिसे आज तक अमेरिका वापस पाने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला करने के बाद राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को बंधक बना लिया। यह हमला वेनेजुएला की तरफ से अचानक नहीं किया गया है बल्कि, अमेरिका कई समय से अलग अलग तरीके से इसकी तैयारी कर रहा था। हमले के बाद ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका वेनेजुएला को ‘चलाएगा’, इसके साथ उनके तेल को भी संसाधित करेगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनियां वेनेजुएला के खराब हो चुके तेल उद्योग को नया करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश करने को तैयार है। वेनेजुएला के पास 303 अरब बैरल का तेल भंडार है। यह दुनिया का सबसे बड़ा तेल और सऊदी अरब से भी ज़्यादा है। यह वैश्विक भंडार का लगभग 20 प्रतिशत है।
वेनेजुएला में ट्रंप प्रशासन की सैन्य कार्रवाई कई मायनों में अभूतपूर्व थी। लेकिन वेनेजुएला के तेल भंडार और पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज और मदुरो के साथ अमेरिका के जिस तरह के संबंध थे, उसे देखते हुए यह हैरान करने वाला नहीं था ।
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