UP: आरएसएस कार्यकर्ताओं से जमीनी फीडबैक ले रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी चुनाव को लेकर हुए सक्रिय
यूपी चुनाव को लेकर सक्रिय हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारियों से मिलकर जमीनी फीडबैक ले रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने गाजियाबाद में भाजपा-आरएसएस की संगठनात्मक समन्वय बैठक में हिस्सा लिया और स्वयंसेवकों से लंबी बातचीत की।
यूपी चुनाव को लेकर सक्रिय हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारियों से मिलकर जमीनी फीडबैक ले रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने गाजियाबाद में भाजपा-आरएसएस की संगठनात्मक समन्वय बैठक में हिस्सा लिया और स्वयंसेवकों से लंबी बातचीत की। बैठक में संघ के पदाधिकारियों के अलावा स्थानीय भाजपा नेता शामिल थे। इसी तरह की बैठक पूरे प्रदेश में की जाएगी जिसमें आरएसएस के स्वयंसेवकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करते हुए काम करने पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री इन बैठकों में विभिन्न मुद्दों पर जनता की जमीनी राय से भी वाकिफ होने की कोशिश करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, इस तरह की बैठक आयोजित करने का सबसे बड़ा उद्देश्य चुनाव को देखते हुए भाजपा-आरएसएस कार्यकर्ताओं में समन्वय स्थापित करना है। पार्टी नेताओं का मानना है कि दोनों संगठनों में बेहतर समन्वय के कारण 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में बेहतर परिणाम मिले थे। इसी तरह 2017 और 2022 के प्रदेश के चुनावों में भी दोनों संगठनों में बेहतर सामंजस्य का परिणाम बड़ी जीत के रूप में सामने आया था। यूपी में तीसरी बार सरकार बनाकर हैट्रिक लगाने की इच्छुक भाजपा इस सहयोग को मजबूत कर 2027 का चुनावी समर जीतना चाहती है।
गैर प्रशासनिक तरीके से जनता की राय जानने की कोशिश कर रहे योगी
बताया जा रहा है कि इन बैठकों के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन मुद्दों की भी पहचान करना चाहते हैं जिसको लेकर जनता की उम्मीदें अधिक हैं, लेकिन उनकी अपेक्षाओं के अनुसार अभी कार्य नहीं हुआ है। अभी चुनावों में करीब एक साल का समय शेष है। ऐसे में प्रमुख मुद्दों की पहचान कर उन पर अपेक्षित कार्य कर जनता को बेहतर तरीके से अपने साथ लाने के तरीके भी खोजे जा रहे हैं।
जमीन पर जुड़कर काम करने के मिले निर्देश
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में भाजपा-आरएसएस के कार्यकर्ताओं को निचले स्तर पर जाकर लोगों के साथ मिलकर काम करने के निर्देश मिले हैं। पश्चिमी यूपी के जिन इलाकों में भाजपा बेहतर परिणाम हासिल करती रही है, उनमें समाज के प्रभावशाली वर्गों से मिलकर बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश मिले हैं, जबकि जिन क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर रही है, वहां पार्टी की दृष्टि से बेहतर संभावना वाले वर्गों से मिलकर उन्हें अपने से जोड़ने की कोशिश करने के लिए कहा गया है।
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