दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: मेरठ में अवैध हथियार निर्माण यूनिट का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मेरठ में अवैध हथियार फैक्टरी का भंडाफोड़ कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घर की तलाशी में, ऊपरी मंजिल से भारी मात्रा में अवैध हथियार और उपकरण बरामद हुए।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। एनआर-द्वितीय यूनिट ने मेरठ में एक अवैध हथियार निर्माण यूनिट का भंडाफोड़ किया। इस अभियान में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इंस्पेक्टर नीरज शर्मा के नेतृत्व और एसीपी गिरीश कौशिक के पर्यवेक्षण में टीम ने सफलता हासिल की। क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि मेरठ से दिल्ली में बड़ी मात्रा में अवैध हथियारों की आपूर्ति हो रही है। इस सूचना पर 19 मार्च को बदली रेलवे स्टेशन, दिल्ली के पास हसीर उर्फ शूटर को गिरफ्तार किया गया। उसकी तलाशी में दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, एक पेन पिस्टल और छह जिंदा कारतूस मिले। पूछताछ में हसीर ने बताया कि वह मेरठ निवासी परवेज उर्फ फर्रू से हथियार लाता था। बुधवार को अदालत से तीन दिन की पुलिस रिमांड लेकर जांच शुरू की गई।
मेरठ में छापेमारी और बरामदगी
एसीपी गिरीश कौशिक के नेतृत्व में विशेष टीम मेरठ रवाना हुई। गुरुवार को टीम ने परवेज उर्फ फर्रू के घर पर छापा मारा और उसे भागने की कोशिश करते हुए पकड़ लिया। घर की तलाशी में, ऊपरी मंजिल से भारी मात्रा में अवैध हथियार और उपकरण बरामद हुए। इनमें चौबीस अवैध पेन पिस्टल, अठहत्तर मैगज़ीन, तीन बैरल, तीन स्लाइड, तीन पिस्टल बॉडी, अन्य छोटे पुर्जे और ड्रिल मशीन शामिल थे। सभी सामान को विधि अनुसार जब्त कर लिया गया।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
इस कार्रवाई में कुल पच्चीस पेन पिस्टल बरामद हुईं, जो सामान्य पेन जैसी दिखती हैं और भीड़भाड़ वाले इलाकों में घातक हो सकती हैं। मुख्य आरोपी परवेज उर्फ फर्रू (सैंतीस वर्ष) अशिक्षित है। वह करीब अठारह साल पहले पहली बार अवैध हथियार के मामले में गिरफ्तार हुआ था। वर्ष 2017 में एनआईए ने उसे यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया था। वह खालिस्तानी आतंकियों से जुड़े टारगेट किलिंग मामलों में हथियार आपूर्ति से जुड़ा था। उस पर एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। दूसरा आरोपी हसीर उर्फ शूटर (पच्चीस वर्ष) भी दस से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल है। दोनों से पूछताछ जारी है।
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