पाकिस्तान सरकार ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खाने के बेटे कासिम खान पर आरोप लगाया कि उन्होंने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में अपने भाषण के जरिये देश के जीएसपी प्लस दर्जे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इस दर्जे के तहत पाकिस्तान को अपने निर्यात पर कम शुल्क (टैरिफ) का लाभ मिलता है।
मंत्रियों ने क्या आरोप लगाए?
मंत्रियों ने कहा, कासिम और उनके साथियों का मकसद पाकिस्तान का जीएसपी प्लस दर्जा खत्म करवाना है। उन्होंने आरोप लगाया, यह पाकिस्तान विरोध समूह यूरोपीय संघ में इस्राइली नीति और प्रतिबंधित संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) की एक इकाई बीएमएम के नेताओं के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, जीएसपी प्लस दर्जा मिलने के बाद पाकिस्तान के निर्यात में 40 फीसदी की वृद्धि हुई है, जिससे कपड़ा क्षेत्र को बड़ा फायदा हुआ और हजारों नौकरियां बनीं।उन्होंने यह भी कहा, पीटीआई अब अपने राजनीतिक फायदे के लिए लोगों की रोजी-रोटी छीनने की कोशिश कर रही है।
मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों पर जवाब देते हुए मंत्रियों ने कहा, पीटीआई के शासनकाल में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की नेता मरियम नवाज को उनके पिता नवाज शरीफ के सामने गिरफ्तार किया गया था।
इमरान खान की पार्टी ने आरोपों को खारिज किया
हालांकि, पीटीआई ने सरकार के इन आरोपों को खारिज किया। पार्टी ने कहा कि वह पाकिस्तान के जीएसपी प्लस दर्जे को नुकसान पहुंचाने की कोई कोशिश नहीं कर रही।

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