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Women’s World Cup: 2017 के सेमीफाइनल में खेली थी नाबाद शतकीय पारी, अब कप्तान के तौर पर भी चमकीं हरमनप्रीत

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के बाहर होने का एक बार फिर कारण बनी हैं। हरमनप्रीत ने इससे पहले 2017 वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार पारी खेली थी जिस कारण ऑस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता देखना पड़ा था।
भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर इतिहास रचने से एक कदम दूर हैं। भारतीय महिला टीम ने अभी तक कभी भी विश्व कप का खिताब नहीं जीता है और हरमनप्रीत के पास खुद की कप्तानी में ऐसा करने का सुनहरा अवसर है। हरमनप्रीत ने सामने से नेतृत्व करते हुए टीम को फाइनल तक पहुंचाया है। वह पहले भी विश्व कप में हिस्सा ले चुकी हैं, लेकिन कप्तान के तौर पर ये टूर्नामेंट जीतना उनके लिए विशेष हो सकता है।

ट्रॉफी का सूखा समाप्त करने का मौका
भारतीय टीम तीसरी बार वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुंची है। टीम इससे पहले 2005 और 2017 में भी खिताबी मैच में पहुंची थी। भारत ने अब तक कभी विश्व कप की ट्रॉफी नहीं जीती है और अब उसके पास खिताबी सूखा समाप्त करने का अच्छा मौका है। भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया को रोकना आसान नहीं था, लेकिन जेमिमा और हरमनप्रीत ने इसे मुमकिन बनाया। ऑस्ट्रेलिया ने ग्रुप चरण में भारत को मात दी थी, लेकिन भारत ने उसे सेमीफाइनल में हराकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया।

ऑस्ट्रेलिया की हार का फिर कारण बनीं हरमनप्रीत
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के बाहर होने का एक बार फिर कारण बनी हैं। हरमनप्रीत ने इससे पहले 2017 वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार पारी खेली थी जिस कारण ऑस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता देखना पड़ा था। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में हराकर 2017 की जीत की यादें ताजा कर दी हैं। भारत ने 2017 में महिला विश्व कप के सेमीफाइनल में भी ऑस्ट्रेलिया को हराया था। 2025 की तरह 2017 के सेमीफाइनल में भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हरमनप्रीत का बल्ला जमकर गरजा था।

कब-कब नॉकआउट में भिड़े भारत और ऑस्ट्रेलिया
भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमों के बीच पहली बार विश्व कप के नॉकआउट में भिड़ंत 1997 में हुई जब दोनों सेमीफाइनल में भिड़े। ऑस्ट्रेलिया ने उस मुकाबले में भारत को 19 रनों से हराया। इसके बाद भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2005 विश्व कप के खिताबी मुकाबले में आमना-सामना हुआ यहां भी ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 98 रनों से हराया। फिर 2017 विश्व कप के सेमीफाइनल में दोनों टीमों का सामना हुआ। इस मैच में बारिश ने बाधा डाली। मैच 42 ओवर का कराने का फैसला हुआ और भारत ने निर्धारित ओवर में चार विकेट पर 281 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की टीम 40.1 ओवर में 245 रन पर ऑलआउट हो गई और उसे 36 रनों से हार का सामना करना पड़ा।

हरमनप्रीत और दीप्ति शर्मा के बीच 2017 के सेमीफाइनल में 137 रनों की साझेदारी हुई थी। दोनों खिलाड़ियों के बीच ये साझेदारी भारत के लिए सफल रही थी। अब हरमनप्रीत 2025 में कप्तान के तौर पर खेलने उतरीं और उनके सामने सेमीफाइनल में फिर ऑस्ट्रेलिया की चुनौती थी। ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने विशाल लक्ष्य रखा जो भारत के लिए आसान नहीं रहने वाला था। भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना के रूप में दो विकेट गंवा दिए थे। लेकिन हरमनप्रीत ने जेमिमा के साथ मोर्चा संभाला और शतकीय साझेदारी कर डाली।

जेमिमा के साथ की रिकॉर्ड साझेदारी
शुरुआती झटके लगने के बाद हरमनप्रीत और जेमिमा ने मोर्चा संभाला। दोनों ने पहले सधी हुई बल्लेबाजी कर टीम की पारी को संभाला और फिर धीरे-धीरे पारी आगे बढ़ाई। इन दोनों ने शानदार शॉट्स लगाकर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को जमकर परेशान किया। हरमनप्रीत और जेमिमा ने पहले शतकीय साझेदारी पूरी की और फिर महिला विश्व कप के नॉकआउट में भारत के लिए किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बना लिया। हरमनप्रीत और जेमिमा के बीच तीसरे विकेट के लिए 167 रनों की साझेदारी हुई। यानी 2017 में जहां हरमनप्रीत ने खिलाड़ी के रूप में छाप छोड़ी थी, वहीं अब सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कप्तानी पारी खेलकर टीम को फाइनल में प्रवेश कराया। इन दो मैचों से पता चलता है कि सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नॉकआउट मैच का दबाव हरमनप्रीत बखूबी झेल लेती हैं। अब यही उम्मीद है कि वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार को होने वाले फाइनल में भी इस लय को बरकरार रखें और टीम को पहली बार विश्व विजेता बनाएं।
भारत ने रोका गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया का विजय रथ
भारतीय महिला टीम ने गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में हराकर उसका विजय रथ रोक दिया। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.5 ओवर 338 रन बनाए थे। जवाब में भारत के लिए जेमिमा ने शतक लगाया और कप्तान हरमनप्रीत के साथ तीसरे विकेट के लिए 167 रनों की साझेदारी की जिससे भारत ने 48.3 ओवर में पांच विकेट पर 341 रन बनाकर मैच अपने नाम किया। ऑस्ट्रेलिया की टीम इस टूर्नामेंट में अजेय बनी हुई थी, लेकिन भारतीय टीम ने एलीस हीली की टीम का विजयी अभियान रोक दिया। भारत का अब रविवार को फाइनल में दक्षिण अफ्रीका से सामना होगा जिसने एक अन्य सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराया था।

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