चंडीगढ़ में आईजी वाई पूरन कुमार के सुसाइड मामले से हरियाणा पुलिस में हड़कंप मचा हुई है। पूरन कुमार 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। उन्हें नौ दिन पहले ही पीटीसी सुनारिया का आईजी बनाया गया था। हालांकि आईजी के सुसाइड मामले को लेकर कोई भी पुलिस अधिकारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है।
बता दें कि हरियाणा पुलिस के बड़े अधिकारी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की है। घटना चंडीगढ़ के सेक्टर-11 की है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी, सीएफएसएल और फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई है। वाई पूरन कुमार की पत्नी पी अमनीत कुमार विदेश दौरे पर हैं। आईएएस पी अमनीत कुमार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्री राव नरवीर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी जापान दौरे पर हैं।
डीजीपी और एडिशनल चीफ सेक्रेटरी की शिकायत की थी
जानकारी के अनुसार आईजी वाई पूरन कुमार बीते डेढ़ वर्ष से काफी सूर्खियों में थे। उन्हें एडीजीपी रैंक से आईजी रैंक में प्रमोट किया गया था। आईजी वाई पूरन कुमार ने पिछले वर्ष वन ऑफिसर वन हाउस पॉलिसी के तहत शिकायत दी थी और प्रदेश के कई अफसरों की शिकायत की थी। इस वजह से वह सूर्खियों में आए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि कई आईपीएस अफसरों ने एक से ज्यादा सरकारी आवास ले रखे हैं। इसके अलावा उन्होंने पूर्व डीजीपी और एडिशनल चीफ सेक्रेटरी पर भी जाति के आधार पर भेदभाव करने की शिकायत आयोग से की थी।

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